मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में अवैध रैट-होल कोयला खदान में विस्फोट; 18 की मौत
Aसीधा उत्तर
मेघालय में अवैध रैट-होल खदान विस्फोट में 18+ लोगों की मौत; मृतकों की संख्या 33 तक पहुंची; 2014 से NGT द्वारा प्रतिबंधित।
मुख्य तथ्य
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में एक अवैध रैट-होल कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट में मेघालय, असम और नेपाल के श्रमिकों सहित 33 मजदूरों की मौत हो गई।
जल प्रदूषण की चिंताओं के कारण मेघालय में रैट-होल खनन पर 2014 से राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने प्रतिबंध लगा रखा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिवारों को प्रति परिवार ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा की।
मेघालय सरकार ने त्रासदी की जांच के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया।
इस घटना के बाद खनन प्रतिबंध के प्रवर्तन और प्रवासी मजदूरों के कल्याण पर बहस फिर तेज हो गई।
5 फरवरी 2026 को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगक्सो क्षेत्र में एक अवैध रैट-होल कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट हुआ। इसमें शुरू में कम से कम 18 श्रमिकों की मौत हुई और 16 फरवरी तक मृतक संख्या 33 तक पहुंची। मेघालय, असम और नेपाल के श्रमिक, जिनमें अधिकांश अत्यंत गरीब पृष्ठभूमि से थे, गहरे और संकीर्ण शाफ्ट में आग में फंस गए।
मेघालय में रैट-होल खनन 2014 से NGT द्वारा जल प्रदूषण संबंधी चिंताओं के कारण प्रतिबंधित है, फिर भी अवैध संचालन जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया और ₹2 लाख प्रति परिवार मुआवजे की घोषणा की। मेघालय सरकार ने उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: फरवरी 2026 की मेघालय पूर्वी जयंतिया हिल्स रैट-होल कोयला खदान विस्फोट घटना का विश्लेषण करें, अवैध खनन में प्रवर्तन विफलताओं और प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा की जाँच करते हुए।
उत्तर (50 शब्द):
5 फरवरी 2026 को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स के थांगक्सो क्षेत्र में अवैध रैट-होल कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट हुआ। प्रारंभ में कम से कम अठारह श्रमिकों की मौत हुई और अंतिम मृतक संख्या तैंतीस पहुँची। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 2014 से रैट-होल खनन प्रतिबंधित किया है, फिर भी अवैध खनन जारी रहा।
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फरवरी 2026 में अवैध रैट-होल कोयला खदान विस्फोट मेघालय के किस जिले में हुआ?
व्याख्या · सही उत्तर B
विस्फोट मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगक्सो क्षेत्र में एक अवैध रैट-होल खदान में हुआ। रैट-होल खनन को 2014 से राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने प्रतिबंधित किया है।
फरवरी 2026 में मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में अवैध रैट-होल कोयला खदान में क्या हुआ?
**5 फरवरी 2026** को **मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स** के **थांगक्सो क्षेत्र** की एक अवैध रैट-होल कोयला खदान में **डायनामाइट विस्फोट** से शुरू में कम से कम **18 श्रमिकों** की मौत हुई, जो **16 फरवरी तक 33** तक पहुंच गई। **मेघालय, असम और नेपाल** के श्रमिक जलती भूमिगत सुरंग में फंसे।
मेघालय में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध क्यों और कब से है?
**मेघालय** में **रैट-होल खनन** पर **2014 से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)** द्वारा नदियों में अम्लीय खदान जल के कारण गंभीर **जल प्रदूषण** की वजह से प्रतिबंध है। प्रतिबंध के बावजूद गरीबी और प्रवर्तन में कमी के कारण अवैध खनन जारी है, जैसा **फरवरी 2026 की त्रासदी** से स्पष्ट हुआ।
मेघालय रैट-होल खदान विस्फोट 2026 के पीड़ितों के लिए क्या मुआवजा घोषित किया गया?
**PM नरेंद्र मोदी** ने शोक व्यक्त किया और **पूर्वी जयंतिया हिल्स** के **थांगक्सो खदान विस्फोट** के पीड़ितों के लिए **₹2 लाख प्रति परिवार मुआवजे** की घोषणा की। राज्य सरकार ने जांच के लिए एक **उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच आयोग** भी गठित किया।
रैट-होल कोयला खनन क्या है और मेघालय में प्रतिबंध के बावजूद यह क्यों होता है?
**रैट-होल खनन** कोयला निकालने की एक अवैध पद्धति है, जिसमें श्रमिक पहाड़ियों में छोटी-छोटी क्षैतिज सुरंगें खोदकर हाथ से कोयला निकालते हैं। **मेघालय** में **2014 के NGT प्रतिबंध** के बावजूद यह जारी है, क्योंकि इसमें बहुत कम पूंजी लगती है और अत्यंत गरीबी में जी रहे श्रमिकों को रोजगार मिल जाता है।
पूर्वी जयंतिया हिल्स में रैट-होल खदान विस्फोट के बाद कौन सा आयोग गठित किया गया?
**फरवरी 2026** के **थांगक्सो, पूर्वी जयंतिया हिल्स खदान विस्फोट** के बाद **मेघालय सरकार** ने कारणों की जांच करने और कानून लागू करने की व्यवस्था में सुधार सुझाने के लिए **उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच आयोग** गठित किया। इस त्रासदी ने प्रवासी मजदूरों के कल्याण और **2014 के NGT प्रतिबंध** लागू न होने पर बहस फिर छेड़ दी।
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