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MCQ

राजनीति विज्ञान MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजनीति विज्ञान के 80 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1यदि प्रश्न सकारात्मक स्वतंत्रता का सबसे अच्छा उदाहरण पहचानने को कहे, तो कौन-सा विकल्प चुना जाना चाहिए?

A एक कानून निजी कार्रवाई पर हर प्रकार की रोक हटा देता है, उन रोकों को भी जो दूसरों को नुकसान से बचाने के लिए ज़रूरी हों।
B सार्वजनिक संस्थाएँ ऐसी स्थितियाँ बनाती हैं जिनसे व्यक्ति अपनी क्षमताएँ विकसित कर सकें और सार्थक विकल्प चुन सकें।
C राज्य किसी व्यक्ति को अकेला छोड़ देता है, पर उसे शिक्षा, स्वास्थ्य-सेवा या सार्वजनिक सुरक्षा तक वास्तविक पहुँच नहीं मिलती।
D शासक भाषण की अनुमति केवल तब देता है जब वह सरकार की प्रशंसा करे।
व्याख्या

नकारात्मक स्वतंत्रता मुख्यतः बाहरी हस्तक्षेप से मुक्ति पर केंद्रित होती है। सकारात्मक स्वतंत्रता यह पूछती है कि क्या लोगों के पास स्वयं निर्णय लेने वाले व्यक्ति की तरह काम करने की वास्तविक स्थितियाँ और क्षमताएँ हैं। इसलिए शिक्षा, बुनियादी सुरक्षा और अवसरों तक न्यायसंगत पहुँच जैसे उपाय स्वतंत्रता को बढ़ा सकते हैं, केवल सीमित नहीं करते, बशर्ते वे अधिकारों और संवैधानिक सीमाओं के अनुरूप रहें।

प्र.2संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?

A भारत संयुक्त राष्ट्र के मूल सदस्यों में शामिल था।
B भारत ब्रिक्स में शामिल होने के बाद ही संयुक्त राष्ट्र सदस्य बना।
C भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रतिनिधित्व नहीं रखता।
D भारत बांग्लादेश के निर्माण के बाद ही संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ।
व्याख्या

संयुक्त राष्ट्र के सदस्यता-इतिहास में भारत को संगठन के मूल सदस्यों में रखा गया है। बहुपक्षीय संस्थाओं में भारत की भूमिका पर यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है: भारत संयुक्त राष्ट्र की शुरुआत से मौजूद था, बाद में जुड़ने वाला देश नहीं था।

प्र.3स्थानीय स्वशासन के संदर्भ में अधिकारों के वास्तविक हस्तांतरण की अक्सर चर्चा होने वाली चुनौती को सबसे अच्छी तरह कौन-सा विकल्प समझाता है?

A कार्य सूची में दिए जा सकते हैं, लेकिन कार्यों, धन और कर्मचारियों का वास्तविक हस्तांतरण काफी हद तक राज्य-स्तरीय विकेंद्रीकरण पर निर्भर करता है।
B स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं हो सकते, क्योंकि संविधान केवल संघ और राज्यों को मान्यता देता है।
C ग्यारहवीं और बारहवीं अनुसूचियां राज्यों को विषय स्थानीय निकायों को सौंपने से रोकती हैं।
D भारत निर्वाचन आयोग हर पंचायत और नगरपालिका के वित्त पर सीधे नियंत्रण रखता है।
व्याख्या

भारतीय स्थानीय लोकतंत्र की बड़ी चुनौती संवैधानिक ढांचे और व्यवहार में मिली शक्ति के बीच का अंतर है। संविधान पंचायतों और नगरपालिकाओं को अधिकार सौंपने की राह खोलता है, लेकिन प्रभावी स्वशासन इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य वास्तव में संबंधित कार्य, धन और कर्मचारी उन्हें सौंपते हैं या नहीं।

प्र.4आधुनिक लोकतांत्रिक राज्य में संप्रभुता को सबसे सटीक रूप में कौन-सा विकल्प बताता है?

A संप्रभुता का अर्थ है कि सरकार बहुमत का समर्थन मिलने पर संवैधानिक सीमाओं को कभी भी अनदेखा कर सकती है।
B संप्रभुता केवल कार्यपालिका में होती है, क्योंकि वही कानून लागू करती है और प्रशासन नियंत्रित करती है।
C हर संघीय संविधान में संप्रभुता समाप्त हो जाती है, क्योंकि शक्तियाँ शासन के दो स्तरों में बाँट दी जाती हैं।
D संप्रभुता राजनीतिक समुदाय की अंतिम कानून-निर्माण सत्ता है, हालांकि उसका प्रयोग संवैधानिक रूप से सीमित और संस्थागत रूप से वितरित हो सकता है।
व्याख्या

संप्रभुता किसी राजनीतिक व्यवस्था की अंतिम सत्ता को कहते हैं। लोकतंत्र में यह सत्ता जनता से जुड़ी मानी जाती है, लेकिन उसका प्रयोग संविधान, प्रतिनिधि संस्थाओं, न्यायालयों और संघीय या प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से होता है। इसलिए शक्तियों का विभाजन या अधिकार-आधारित सीमाएँ संप्रभुता की अनुपस्थिति नहीं दिखातीं; वे बताती हैं कि संवैधानिक राज्य में संप्रभु सत्ता को कैसे संगठित और नियंत्रित किया जाता है।

प्र.5कौन-सा नीति निदेशक तत्व राज्य स्तर पर न्यायपालिका को कार्यपालिका से संस्थागत रूप से अलग करने से सबसे सीधे जुड़ा है?

A अनुच्छेद 39क, क्योंकि यह समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान करता है।
B अनुच्छेद 44, क्योंकि यह राज्य को समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
C अनुच्छेद 38, क्योंकि यह राज्य को लोगों के कल्याण के लिए सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
D अनुच्छेद 50, क्योंकि यह राज्य को राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने का निर्देश देता है।
व्याख्या

अनुच्छेद 50 छोटा लेकिन महत्वपूर्ण नीति निदेशक तत्व है: राज्य, राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने के लिए कदम उठाएगा। यह अधीनस्थ स्तर पर न्यायिक स्वतंत्रता को सहारा देता है और इसे विधिक सहायता वाले अनुच्छेद 39क या समान नागरिक संहिता वाले अनुच्छेद 44 से नहीं मिलाना चाहिए।

आपने 80 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता सबसे सीधे किस स्थिति में लागू होती है?

Aकोई सदस्य दूसरे दल की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हो, लेकिन सदन में मतदान न करे
Bकोई विधायक अखबार के लेख में अपनी पार्टी की आर्थिक नीति की आलोचना करे
Cनिर्वाचित सदस्य उस राजनीतिक दल की सदस्यता स्वेच्छा से छोड़ दे, जिसके टिकट पर वह चुना गया था
Dकोई प्रत्याशी अपना चुनाव घोषणापत्र बदलने के बाद चुनाव हार जाए

7समकालीन राजनीतिक सिद्धांत में उदारवादी व्यक्तिवाद की समुदायवादी आलोचना को कौन-सा कथन सबसे ठीक व्यक्त करता है?

Aस्व और राजनीतिक दायित्व समुदाय, साझा व्यवहारों और सामाजिक सदस्यता से आकार लेते हैं।
Bव्यक्ति को किसी भी सामाजिक या नैतिक समुदाय से अलग रखकर सबसे अच्छी तरह समझा जा सकता है।
Cराजनीतिक सिद्धांत को केवल मतदान के सांख्यिकीय सह-संबंधों का अध्ययन करना चाहिए।
Dहर राजनीतिक प्रश्न सभी संस्थाओं को समाप्त करके हल हो जाता है।

8एक विधि-छात्र का तर्क है कि चौबीसवें संविधान संशोधन के बाद अनुच्छेद 368 के तहत किया गया संशोधन अनुच्छेद 13 से बाहर है, लेकिन संसद की संशोधन-शक्ति फिर भी साधारण विधायी शक्ति नहीं है। संवैधानिक स्थिति को सबसे ठीक कौन-सा विकल्प बताता है?

Aअनुच्छेद 13(4) और अनुच्छेद 368(3) संवैधानिक संशोधनों को अनुच्छेद 13 के दायरे से बाहर रखते हैं, जबकि अनुच्छेद 368(1) संसद को संविधान-निर्माण शक्ति का प्रयोग करते हुए बताता है।
Bअनुच्छेद 368 केवल उन प्रावधानों में संशोधन की अनुमति देता है जो मूल अधिकारों से जुड़े नहीं हैं, क्योंकि भाग तीन को पूरी तरह असंशोधनीय बना दिया गया है।
Cसंविधान संशोधन विधेयक साधारण विधेयक की तरह साधारण बहुमत से पारित होता है, बाद में न्यायिक समीक्षा उसे संवैधानिक दर्जा दे देती है।
Dअनुच्छेद 13 अब भी संवैधानिक संशोधनों को अवैध कर सकता है, और विधिवत पारित संविधान संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति सहमति रोक सकते हैं।

9निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन राज्य के नीति निदेशक तत्वों और मूल कर्तव्यों के क्षेत्र में संविधान (बयालीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए प्रावधानों को सबसे ठीक पहचानता है?

Aनिःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा पर अनुच्छेद 21क, प्रारंभिक बाल्यावस्था वाले वर्तमान रूप में अनुच्छेद 45, और अनुच्छेद 51क(ट)।
Bपंचायतों पर भाग नौ, ग्यारहवीं अनुसूची, और पंचायतों की शक्तियों से संबंधित अनुच्छेद 243छ।
Cसंपत्ति पर अनुच्छेद 300क, अनुच्छेद 352 में "सशस्त्र विद्रोह" अभिव्यक्ति, और अनुच्छेद 226 की पूर्ण रिट अधिकारिता की बहाली।
Dसमान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता पर अनुच्छेद 39क, प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी पर अनुच्छेद 43क, पर्यावरण पर अनुच्छेद 48क, और मूल कर्तव्यों पर अनुच्छेद 51क।

10डेविड ईस्टन के व्यवस्था-विश्लेषण में राजनीतिक व्यवस्था के काम करने का क्रम सबसे सही रूप में कौन-सा है?

Aमांगें और समर्थन → रूपांतरण प्रक्रिया → निर्णय और नीतियां → प्रतिपुष्टि
Bवर्ग-संघर्ष → क्रांति → तानाशाही → वर्गहीन समाज
Cमूल्य → रीति-रिवाज → दंड → आज्ञापालन
Dअधिकार → कर्तव्य → न्यायालय → पूर्वनिर्णय

11संघ और राज्य की संसदीय कार्यपालिका प्रणालियों में सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत को कौन-सा विकल्प सही बताता है?

Aसामूहिक उत्तरदायित्व केवल व्यक्तिगत मंत्रियों पर लागू होता है, मंत्रिपरिषद पर एक निकाय के रूप में कभी नहीं।
Bसंघ की मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी है, और राज्य की मंत्रिपरिषद उस राज्य की विधान सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है।
Cसंघ की मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्यसभा के प्रति उत्तरदायी है, और राज्य की मंत्रिपरिषद जहां विधान परिषद हो, वहां उसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है।
Dसंघ और राज्य, दोनों की मंत्रिपरिषदें केवल राष्ट्रपति के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी हैं, क्योंकि कार्यपालिका शक्ति औपचारिक रूप से संवैधानिक प्रमुखों में निहित होती है।

12कौन-सा कथन शक्ति और प्राधिकार के बीच अंतर को सबसे सही ढंग से बताता है?

Aशक्ति हमेशा संवैधानिक होती है, जबकि प्राधिकार हमेशा अवैध होता है।
Bशक्ति पालन कराने की क्षमता है; प्राधिकार वह शक्ति है जिसे उचित या वैध माना जाता है।
Cशक्ति का अर्थ केवल शारीरिक बल है, जबकि प्राधिकार का अर्थ केवल धार्मिक प्रभाव है।
Dशक्ति और प्राधिकार एक ही शब्द हैं, जिनमें कोई सार्थक वैचारिक अंतर नहीं है।

13राज्य मंत्रिपरिषद राज्यपाल को राज्य सूची के किसी विषय पर अध्यादेश जारी करने की सलाह देती है, जबकि विधान सभा सत्र में नहीं है। अनुच्छेद 213 के अधीन कौन-सी संवैधानिक सीमा सही कही गई है?

Aराज्यपाल की अध्यादेश-शक्ति केवल राष्ट्रपति शासन के दौरान होती है; अन्यथा यह शक्ति अनुच्छेद 123 के तहत केवल संसद के पास रहती है।
Bजहाँ समान प्रावधानों वाला विधेयक पूर्व राष्ट्रपति स्वीकृति, राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षण, या आरक्षण के बाद राष्ट्रपति की सहमति पर वैधता के लिए निर्भर होता, वहाँ राज्यपाल राष्ट्रपति के निर्देशों के बिना अध्यादेश जारी नहीं कर सकता।
Cराज्यपाल राष्ट्रपति के निर्देशों के बिना कोई भी राज्य अध्यादेश जारी कर सकता है, क्योंकि अध्यादेश अस्थायी होते हैं और अपने-आप समाप्त हो जाते हैं।
Dजब भी कोई अध्यादेश मूल अधिकारों को प्रभावित करे, राज्यपाल के अध्यादेश को उच्च न्यायालय की पूर्व स्वीकृति चाहिए।

14प्रस्तावना में लिखे शब्द “हम, भारत के लोग” किस विचार से सबसे निकटता से जुड़े हैं?

Aकानून के स्रोत के रूप में राजतंत्रीय संप्रभुता
Bनिर्वाचित अंगों पर न्यायिक संप्रभुता
Cस्वतंत्रता के बाद भी बनी रही औपनिवेशिक संप्रभुता
Dसंवैधानिक अधिकार के स्रोत के रूप में जन-संप्रभुता

15राजनीति विज्ञान के दृष्टिकोणों के अध्ययन में कौन-सा युग्म सबसे उपयुक्त रूप से सुमेलित है?

Aसमकालीन दृष्टिकोण - लिंग, पहचान और विमर्श का पूर्ण अस्वीकार
Bव्यवहारवादी दृष्टिकोण - दैवी राजत्व का विशेष अध्ययन
Cपारंपरिक दृष्टिकोण - मानकवादी और संस्थागत विश्लेषण
Dप्रणाली दृष्टिकोण - आगत और निर्गत का निषेध

सामाजिक विज्ञान — भाग I (माध्यमिक/उच्च माध्यमिक) में और विषय

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