MCQ
प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत का इतिहास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत का इतिहास के 192 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.11920 के दशक के उत्तरार्ध की क्रांतिकारी राजनीति से हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन को सबसे सटीक ढंग से कौन-सा वर्णन जोड़ता है?
NCERT भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव और अन्य को ऐसे क्रांतिकारी राष्ट्रवादी बताती है जो औपनिवेशिक शासन और अमीर शोषक वर्गों से मजदूरों और किसानों की क्रांति के जरिए लड़ना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना की। संस्कृति मंत्रालय भी HRA से HSRA में बदलाव और उसके क्रांतिकारी तरीकों का उल्लेख करता है, इसलिए मजदूर-किसान और समाजवादी उन्मुखता ही मुख्य पहचान है।
प्र.2एक प्रश्न पूछता है कि उत्तर वैदिक धार्मिक जीवन में यज्ञ को विशेष महत्व क्यों मिला। सबसे ऐतिहासिक रूप से सटीक उत्तर कौन-सा है?
उत्तर वैदिक धर्म में राजसूय, वाजपेय और अश्वमेध जैसे जटिल यज्ञों का विस्तार दिखता है। ये अनुष्ठान केवल भक्ति के काम नहीं थे; वे राजनीतिक अधिकार का प्रदर्शन करते थे, दक्षिणा और उपहारों का वितरण कराते थे और पुरोहितों की अनुष्ठानिक स्थिति को मजबूत करते थे। इसलिए यज्ञ-प्रधानता को सामाजिक और राजनीतिक बदलाव से जोड़कर समझना चाहिए।
प्र.3एक शिक्षक गुप्त सिक्कों को केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि राजनीतिक विचारधारा के प्रमाण के रूप में अलग से समझाना चाहता है। इसके लिए कौन-सा उदाहरण सबसे उपयुक्त रहेगा?
गुप्त सिक्के केवल मौद्रिक इतिहास के लिए नहीं, बल्कि राजकीय संदेश के लिए भी महत्त्वपूर्ण हैं। समुद्रगुप्त का अश्वमेध प्रकार बड़े वैदिक साम्राज्यिक अनुष्ठान का प्रचार करता है और राजनीतिक विजय को वैध राजसत्ता के रूप में दृश्य रूप देता है। पहले के आहत या हिंद-यूनानी/कुषाण उदाहरण मुद्राशास्त्र की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, पर वे गुप्त राजनीतिक विचारधारा के प्रमाण नहीं हैं।
प्र.4बौद्ध धर्म के सबसे प्रारंभिक रूपों में ईश्वर के अस्तित्व का प्रश्न किस स्थिति में था?
बुद्ध ने धम्म को धर्ममय जीवन का मार्ग बताया और मध्यम मार्ग, नैतिक आचरण तथा व्यक्ति के प्रयास से दुख के अंत पर ध्यान दिया। प्रारंभिक बौद्ध धर्म में ईश्वर है या नहीं, इस पर अटकल को उस मार्ग के लिए आवश्यक नहीं माना गया।
प्र.5मेहरौली लौह स्तंभ अभिलेख का उपयोग गुप्तों से जुड़े किस मुद्दे पर चर्चा के लिए सबसे उपयुक्त है?
मेहरौली स्तंभ कोई अलग-थलग स्मारक भर नहीं है। इसका अभिलेख चंद्र नामक शासक की प्रशंसा करता है, जिसकी पहचान प्रायः चंद्रगुप्त द्वितीय से की जाती है, और वंग तथा सिंधु के पार जैसे क्षेत्रों में विजयों का उल्लेख करता है। साथ ही, यह स्तंभ गुप्त-कालीन लौह-कर्म की तकनीकी परिपक्वता का प्रसिद्ध उदाहरण भी है।
आपने 192 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6रूस की 1917 की फरवरी क्रांति का सही वर्णन कौन-सा है?
7मध्यकालीन भक्ति परंपराओं के अध्ययन में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही मिलाया गया है?
8स्कंदगुप्त के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसे सामान्यतः अंतिम शक्तिशाली गुप्त सम्राटों में गिना जाता है। 2. वह उत्तर-पश्चिम से आने वाले हूण दबाव को रोकने से जुड़ा है। 3. सुदर्शन झील की मरम्मत उसके शासनकाल से संबंधित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
9अकबर की ज़ब्त या दहसाला राजस्व व्यवस्था की प्रमुख विशेषता को सही ढंग से कौन-सा विकल्प बताता है?
10स्रोत-आधारित प्रश्न में विद्यार्थियों से अलग-अलग कालों के विदेशी यात्रियों को न मिलाने को कहा गया है। गुप्त भारत के लिए कौन-सा युग्म सही है?
11प्रथम विश्व युद्ध के शुरू होने की व्याख्या में, निम्न में से किस कारण को दीर्घकालीन कारण के बजाय तात्कालिक चिंगारी कहना सबसे उचित होगा?
12मौर्य साम्राज्य की व्यवस्था में अशोक के अभिलेखों में उल्लिखित राजधानी और चार प्रांतीय केंद्रों वाला सही समूह कौन-सा है?
13बौद्ध और जैन धर्म के उदय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में, ईसा पूर्व प्रथम सहस्राब्दी के मध्य गंगा घाटी में कौन-सा विकास नए धार्मिक प्रश्नों को सबसे सीधे बढ़ावा देता था?
141942 के भारत छोड़ो आंदोलन की विशिष्ट पृष्ठभूमि और फैलाव को सबसे ठीक ढंग से कौन-सा कथन पकड़ता है?
15शाहू के अधीन पेशवाओं के उदय से जुड़ा प्रशासनिक परिवर्तन कौन-सा सबसे ठीक है?
