RAS प्रश्न
mRNA, यानी मैसेंजर RNA, तकनीक किस प्रकार काम करती है?
सही उत्तर: (B) कोशिकाओं को अस्थायी रूप से विशिष्ट प्रोटीन बनाने के निर्देश देकर।
एमआरएनए तकनीक कोशिकाओं को थोड़े समय के लिए खास प्रोटीन बनाने के निर्देश देती है, जिससे प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू होती है।
व्याख्या
एमआरएनए, यानी मैसेंजर आरएनए, तकनीक में प्रयोगशाला में बनाया गया एमआरएनए कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है। कोशिका इसे निर्देश की तरह पढ़कर लक्षित प्रोटीन बनाती है; COVID वैक्सीन के संदर्भ में यह स्पाइक प्रोटीन का सुरक्षित हिस्सा हो सकता है। सीडीसी के अनुसार यही प्रोटीन शरीर में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू करता है, जिससे एंटीबॉडी और दूसरी प्रतिरक्षा कोशिकाएँ सक्रिय होती हैं। प्रोटीन बनने के बाद कोशिकाएँ एमआरएनए को तोड़कर हटा देती हैं, इसलिए यह स्थायी बदलाव नहीं करता। इसी आधारभूत एमआरएनए वैक्सीन कार्य के लिए कैटालिन करिको और ड्रू वाइसमैन को 2023 का चिकित्सा नोबेल पुरस्कार मिला।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) DNA को स्थायी रूप से कोशिका में डालना एमआरएनए तकनीक का तरीका नहीं है, क्योंकि सीडीसी बताता है कि वैक्सीन वाला एमआरएनए DNA वाले नाभिक में नहीं जाता और जीन को नहीं बदलता।
- (C) एमआरएनए तकनीक वायरस को सीधे नहीं मारती; यह कोशिकाओं से प्रोटीन बनवाकर प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया शुरू कराती है।
- (D) एमआरएनए तकनीक प्रतिरक्षा प्रणाली की जगह नहीं लेती, बल्कि प्रोटीन के ज़रिए उसी प्रतिरक्षा प्रणाली को पहचान और प्रतिक्रिया के लिए सक्रिय करती है।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में वैक्सीन तकनीक और कोशिका-स्तर पर निर्देश देने वाले आरएनए की मूल कार्यविधि जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए उपयोगी हैं क्योंकि वे जैव-प्रौद्योगिकी, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और समसामयिक विज्ञान को एक साथ जोड़ते हैं।
