RAS प्रश्न
स्क्रैमजेट इंजन रैमजेट से किस तरह भिन्न है?
सही उत्तर: (B) हवा को उपध्वनिक गति तक धीमा किए बिना ही पराध्वनिक गति पर संपीड़ित करता है।
स्क्रैमजेट इंजन रैमजेट से इसलिए भिन्न है कि इसमें आने वाली हवा को दहन से पहले उपध्वनिक गति तक धीमा नहीं किया जाता और इंजन में प्रवाह सुपरसोनिक रहता है।
व्याख्या
स्क्रैमजेट का पूरा नाम सुपरसोनिक दहन रैमजेट है। रैमजेट और स्क्रैमजेट का असली फर्क दहन से पहले हवा के प्रवाह की गति से जुड़ा है। रैमजेट और स्क्रैमजेट, दोनों अंतरिक्ष यान की आगे की गति से आने वाली हवा को संपीडित करते हैं और दोनों वायुमंडलीय ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं। PIB के ISRO लेख के अनुसार, रैमजेट इंजन के इनलेट से निकलने वाला प्रवाह उपध्वनिक होता है, जबकि स्क्रैमजेट में वह सुपरसोनिक रहता है। इसलिए स्क्रैमजेट में हवा को उपध्वनिक बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। यही कारण है कि यह मैक 5+ जैसी हाइपरसोनिक गति पर अधिक उपयोगी माना जाता है, हालांकि ऐसी चरम स्थिति में इंजन को जलाना और लौ बनाए रखना कठिन इंजीनियरिंग चुनौती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) स्क्रैमजेट कम गति वाला इंजन नहीं है; यह मैक 5+ जैसी हाइपरसोनिक गति पर काम करने वाला इंजन है।
- (C) स्क्रैमजेट को रॉकेट ईंधन वाला अलग सिद्धांत मानना गलत है, क्योंकि रैमजेट और स्क्रैमजेट दोनों आने वाली हवा तथा वायुमंडलीय ऑक्सीजन से जुड़े वायु-श्वासी इंजन हैं।
- (D) हवा की आवश्यकता न होना रॉकेट जैसे इंजन की बात होगी; स्क्रैमजेट और रैमजेट दोनों में आने वाली हवा और वायुमंडलीय ऑक्सीजन का उपयोग होता है।
अवधारणा
प्रणोदन प्रौद्योगिकी में रैमजेट और स्क्रैमजेट का मूल अंतर महत्वपूर्ण है। RAS में ISRO, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और रक्षा-संबंधी विज्ञान से ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे वर्तमान तकनीकी विकास से सीधे जुड़े हैं।
