RAS प्रश्न
26 अप्रैल 2026 की अंतरिक्ष विभाग विज्ञप्ति के अनुसार 2026 की शुरुआत तक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप की अनुमानित संख्या कितनी थी?
सही उत्तर: (B) 400 से अधिक।
26 अप्रैल 2026 की अंतरिक्ष विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार 2026 की शुरुआत तक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप की संख्या 400 से अधिक हो चुकी थी।
व्याख्या
अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों के बाद भारत में निजी भागीदारी तेज़ी से बढ़ी। 2019 में भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप की संख्या दहाई से कम थी, जो 2026 की शुरुआत तक बढ़कर 400 से अधिक हो गई। इसलिए “400 से अधिक” सही विकल्प है। ये स्टार्टअप प्रक्षेपण यानों, उपग्रहों और पेलोड के निर्माण, ज़मीनी अवसंरचना, डेटा सेवाओं तथा कक्षा-आधारित उभरते क्षेत्रों में सक्रिय थे। 129 का आंकड़ा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) द्वारा अपनी स्थापना के बाद से दी गई स्वीकृतियों का है; यह स्टार्टअप की संख्या नहीं है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) लगभग 40 बहुत कम है, क्योंकि 2026 की शुरुआत तक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप की संख्या 400 से अधिक हो चुकी थी।
- (C) लगभग 4,000 वास्तविक संख्या से करीब दस गुना अधिक है; भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप की संख्या 400 से अधिक थी, हजारों में नहीं।
- (D) ठीक 129, IN-SPACe द्वारा अपनी स्थापना के बाद से दी गई स्वीकृतियों की संख्या है, भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप की नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के हाल के घटनाक्रमों, खासकर सुधारों के बाद बढ़ी निजी भागीदारी की समझ की जांच करता है। RAS के लिए ऐसे आंकड़े इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति और संस्थागत सुधारों को स्टार्टअप क्षेत्र के विस्तार से जोड़ते हैं। यहाँ स्टार्टअप की संख्या को नियामक स्वीकृतियों की संख्या से अलग समझना ज़रूरी है।
