MCQ
राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा और भर्ती MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा और भर्ती के 33 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ली आयोग ने भारत में केंद्रीय लोक सेवा आयोग की स्थापना की सिफारिश की थी। 2. राजस्थान के गठन के समय 22 संयुक्त रियासतों में लोक सेवा आयोग केवल जयपुर, जोधपुर और बीकानेर में विद्यमान थे। 3. राजस्थान लोक सेवा आयोग 22 दिसंबर 1949 से प्रभावी हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
तीनों कथन सही हैं। RPSC की आधिकारिक प्रोफ़ाइल ली आयोग की केंद्रीय आयोग संबंधी सिफारिश, 22 संयुक्त रियासतों में केवल जयपुर, जोधपुर और बीकानेर में आयोगों की उपस्थिति, और RPSC की प्रभावी तिथि 22 दिसंबर 1949 बताती है।
प्र.2निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करता है। 2. राज्य लोक सेवा आयोग का सदस्य पद ग्रहण करने की तारीख से 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, पद धारण करता है। 3. लोक सेवा आयोग में सदस्य रह चुका व्यक्ति कार्यकाल समाप्त होने के बाद उसी पद पर पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य होता है। 4. अनुच्छेद 316 लोक सेवा आयोग के हर सदस्य के लिए भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन कम-से-कम 5 वर्ष तक पद पर रहने का अनुभव अनिवार्य करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 3 अनुच्छेद 316 के अनुसार सही हैं। कथन 4 दो कारणों से गलत है: अनुच्छेद 316 हर सदस्य नहीं, लगभग आधे सदस्यों की बात करता है, और अनुभव अवधि कम-से-कम 10 वर्ष है, 5 वर्ष नहीं।
प्र.3लोक सेवा आयोगों के संवैधानिक ढांचे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 315 यह प्रावधान करता है कि संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा। 2. अनुच्छेद 320 के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोगों का कर्तव्य है कि वे राज्य की सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करें। 3. अनुच्छेद 315 कहता है कि अनुशासनात्मक मामले ही राज्य लोक सेवा आयोग का एकमात्र कार्य हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। अनुच्छेद 315 संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों का प्रावधान करता है, जबकि अनुच्छेद 320 राज्य सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षा कराने का कर्तव्य राज्य लोक सेवा आयोगों को देता है। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुशासनात्मक मामले अनुच्छेद 320 के अंतर्गत परामर्श का एक क्षेत्र हैं, अनुच्छेद 315 के तहत एकमात्र कार्य नहीं।
प्र.4अनुच्छेद 320 के अंतर्गत RPSC के कार्यों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आयोग सिविल सेवाओं और सिविल पदों में भर्ती की पद्धतियों से जुड़े मामलों पर परामर्श देता है। 2. आयोग राज्य सरकार के अधीन सिविल क्षमता में सेवा करने वाले व्यक्ति को प्रभावित करने वाले अनुशासनात्मक मामलों पर परामर्श देता है। 3. आयोग राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हर पेंशन दावे का निर्णय करता है, चाहे सेवा में चोट लगी हो या नहीं। 4. आयोग राज्य सरकार के अधीन कर्तव्य-पालन में किए गए कार्यों के लिए विधिक बचाव का खर्च भारत की संचित निधि से चुकाने के दावों पर विचार करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 अनुच्छेद 320 के अंतर्गत आयोग के कार्यों को सही बताते हैं। कथन 3 बहुत व्यापक है, क्योंकि पेंशन से जुड़ा कार्य राज्य सरकार के अधीन सिविल क्षमता में सेवा के दौरान लगी चोटों के लिए दिए जाने वाले पुरस्कारों से संबंधित है। कथन 4 गलत है, क्योंकि खर्च का भुगतान राज्य की संचित निधि से होता है, भारत की संचित निधि से नहीं।
प्र.5RPSC की स्थापना के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना का अध्यादेश 16 अगस्त 1949 को जारी किया गया था। 2. राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यादेश, 1949 राजस्थान राजपत्र में 20 अगस्त 1949 को प्रकाशित हुआ। 3. RPSC की स्थापना 20 अगस्त 1949 को ही हो गई थी। 4. धारा 1(3) के अंतर्गत अधिसूचना 22 दिसंबर 1949 को प्रकाशित हुई और RPSC उसी तिथि से प्रभाव में आया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
कथन 1, 2 और 4 सही हैं: आधिकारिक प्रोफ़ाइल में 16 अगस्त का अध्यादेश, 20 अगस्त का राजपत्र प्रकाशन, 22 दिसंबर की अधिसूचना और प्रभावी तिथि दर्ज हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 20 अगस्त अध्यादेश के राजपत्र प्रकाशन की तिथि थी, जबकि RPSC 22 दिसंबर 1949 से प्रभाव में आया।
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और प्रश्न
6निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान के गठन के समय रियासती राज्यों में लोक सेवा आयोग जैसी संस्था केवल जयपुर, जोधपुर और बीकानेर में थी। 2. राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यादेश, 1949 राजस्थान राजपत्र में 20 अगस्त 1949 के प्रकाशन के अनुसार प्रभावी हुआ। 3. राजस्थान के गठन के समय सभी 22 रियासती राज्यों में लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाएं थीं। 4. 1951 में राजप्रमुख द्वारा जारी RPSC संबंधी विनियम सेवा-शर्त विनियम और प्रक्रिया वैधीकरण अधिनियम थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. RPSC संविधान के अनुच्छेद 320 के अंतर्गत गठित निकाय है। 2. अनुच्छेद 315 RPSC द्वारा निर्वहन किए जाने वाले कर्तव्य और कार्य सौंपता है। 3. RPSC का मिशन केवल संघीय सिविल सेवाओं के लिए भर्ती तक सीमित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
8नियमों के अंतर्गत राजस्थान प्रशासनिक सेवा संवर्ग-पदों पर अस्थायी नियुक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रिक्त संवर्ग-पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के राजस्थान संवर्ग के अधिकारी को अस्थायी रूप से नियुक्त किया जा सकता है। 2. ऐसे भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी की नियुक्ति आयोग की सहमति लिए बिना 6 महीने से आगे जारी नहीं रखी जा सकती। 3. सेवा के सेवानिवृत्त सदस्य को अधिकतम 2 वर्ष की निश्चित अवधि के लिए रिक्त संवर्ग-पद पर पुनर्नियोजित किया जा सकता है। 4. अवकाश व्यवस्था की आवश्यकता होने पर एक ही सदस्य असीमित अवधि तक 2 संवर्ग-पद साथ-साथ धारण कर सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
9राजस्थान प्रशासनिक सेवा नियमों के अंतर्गत परिवीक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौलिक रिक्ति के विरुद्ध नियुक्त सीधे भर्ती अभ्यर्थियों को 2 वर्ष की परिवीक्षा पर रखा जाता है। 2. मौलिक रिक्ति के विरुद्ध पदोन्नत या विशेष चयन से नियुक्त व्यक्तियों को 1 वर्ष की परिवीक्षा पर रखा जाता है। 3. परिवीक्षा अवधि में सरकार विभागीय परीक्षा और प्रशिक्षण अपेक्षित कर सकती है। 4. परिवीक्षा के अंत में सेवा से मुक्त परिवीक्षाधीन व्यक्ति क्षतिपूर्ति का अधिकारी होता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
10राजस्थान लोक सेवा आयोग की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान के गठन के समय विलय में शामिल रियासतों में जयपुर, जोधपुर और बीकानेर में लोक सेवा आयोग मौजूद थे। 2. इसके बाद के प्रशासन ने 16 अगस्त 1949 को राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना संबंधी अध्यादेश जारी किया। 3. राजस्थान लोक सेवा आयोग 22 दिसंबर 1950 को अस्तित्व में आया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
11राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यादेश, 1949 को राजस्थान राजपत्र में 20 अगस्त 1949 को प्रकाशित किया गया था। 2. राजस्थान लोक सेवा आयोग 20 अगस्त 1949 को ही प्रभावी हो गया था। 3. नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना 22 दिसंबर 1949 को प्रकाशित हुई और आयोग उसी तारीख से प्रभावी हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
12निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यादेश, 1949 राजस्थान राजपत्र में 20 अगस्त 1949 के प्रकाशन के अनुसार प्रभावी हुआ। 2. RPSC की स्थापना 20 अगस्त 1949 को ही हुई थी। 3. 16 अगस्त 1949 के अध्यादेश ने घटक राज्यों में लोक सेवा आयोगों या समान प्रकृति की संस्थाओं को समाप्त कर दिया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
13RPSC कार्यालय के स्थानांतरण के इतिहास के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आयोग का कार्यालय पहले जयपुर में स्थित था। 2. 31 अगस्त 1958 के बाद राव समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार ने कार्यालय अजमेर स्थानांतरित किया। 3. 21 अक्टूबर 2000 को आयोग का कार्यालय घूघरा घाटी, जयपुर रोड, अजमेर स्थित अपने नए भवन में स्थानांतरित हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
14राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा द्वारा सीधी भर्ती) नियम, 1999 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये नियम संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक के अंतर्गत राजस्थान के राज्यपाल ने बनाए थे। 2. इन नियमों में 'आयोग' से आशय संघ लोक सेवा आयोग है। 3. अनुसूची 1 और अनुसूची 2 में निर्दिष्ट राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं के पदों पर सीधी भर्ती आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा से की जानी है। 4. 1999 के नियमों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग विनियम, 1951 को निरस्त किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
15निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. RPSC की प्रोफ़ाइल के अनुसार RPSC का कार्य राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम और विनियम, 1963 से विनियमित है। 2. वही प्रोफ़ाइल राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रक्रिया विनियमन और वैधीकरण अध्यादेश 1975 तथा अधिनियम 1976 का भी उल्लेख करती है। 3. RPSC की प्रोफ़ाइल कहती है कि केवल अनुच्छेद 14, 15 और 16 लोक सेवा आयोगों के कार्यों और शक्तियों से संबंधित हैं। 4. RPSC की प्रोफ़ाइल कहती है कि 1951 में राजप्रमुख ने केवल सेवा-शर्त विनियम जारी किया था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
