23 जनवरी 2026 को भारतीय सेना ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य सहयोगी अनुसंधान और नवाचार से पूरी तरह स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित प्रणाली विकसित करना है। इस पहल का लक्ष्य डिजिटल सूचना परिदृश्य में उभरती चुनौतियों से निपटना है, जिनमें दुष्प्रचार का मुकाबला करना और सूचना सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है। यह भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के अनुरूप है। इस साझेदारी में भारतीय सेना का परिचालन अनुभव, IISc की अत्याधुनिक अनुसंधान क्षमताएँ और घरेलू उद्योग की भागीदारी साथ आती है। विकसित की जा रही AI प्रणाली रक्षा क्षेत्र में भारत की विदेशी प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता को कम करेगी। यह MoU भारत के रक्षा नवाचार तंत्र में सैन्य-शैक्षणिक सहयोग की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है, जो iDEX और रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार पहल जैसी योजनाओं की पूरक है।
भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी AI प्रणाली विकसित करने के लिए IISc बेंगलुरु के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए
23 जनवरी 2026 को भारतीय सेना ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य सहयोगात्मक अनुसंधान और नवाचार से पूर्णतः स्वदेशी AI-आधारित प्रणाली विकसित करना है। इस पहल का लक्ष्य डिजिटल सूचना परिदृश्य में उभरती चुनौतियों, जैसे दुष्प्रचार से निपटना और सूचना सुरक्षा को मजबूत करना, का समाधान करना है। यह भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के अनुरूप है। इस साझेदारी में भारतीय सेना का परिचालन अनुभव, IISc की अत्याधुनिक अनुसंधान क्षमताएँ और घरेलू उद्योग की भागीदारी एक साथ आती हैं। विकसित की जा रही AI प्रणाली रक्षा क्षेत्र में भारत की विदेशी प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम करेगी। यह MoU भारत के रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में सैन्य-शैक्षणिक सहयोग की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है और iDEX तथा रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार पहल जैसी योजनाओं की पूरक है।
मुख्य तथ्य
- भारतीय सेना ने 23 जनवरी 2026 को IISc बेंगलुरु के साथ स्वदेशी AI विकास के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए।
- इस पहल का लक्ष्य दुष्प्रचार का मुकाबला करना और सूचना सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
- यह विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करने के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- यह साझेदारी सेना के परिचालन अनुभव को IISc की अनुसंधान क्षमता से जोड़ती है।
- यह iDEX और रक्षा प्रौद्योगिकी व्यापार पहल जैसी रक्षा नवाचार योजनाओं की पूरक है।
- MoU AI-आधारित रक्षा समाधानों के स्वदेशीकरण की भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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भारतीय सेना और आईआईएससी बेंगलुरु के एआई समझौता ज्ञापन का संबंध किस सरकारी पहल से है?
यह साझेदारी आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है और iDEX जैसी पहलों की पूरक है, जिनसे विदेशी रक्षा तकनीकों पर भारत की निर्भरता कम होती है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनवरी 2026 में भारतीय सेना और IISc बेंगलुरु के बीच हस्ताक्षरित MoU का उद्देश्य क्या है?
भारतीय सेना और IISc बेंगलुरु ने 23 जनवरी 2026 को सहयोगी अनुसंधान से एक पूर्णतः स्वदेशी AI-आधारित प्रणाली विकसित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का लक्ष्य दुष्प्रचार का मुकाबला करना, सूचना सुरक्षा को मजबूत करना और रक्षा क्षेत्र में विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करना है, जो आत्मनिर्भर भारत की सोच के अनुरूप है।
आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण क्या है और सेना-IISc AI MoU इससे कैसे संबंधित है?
आत्मनिर्भर भारत सरकार की वह पहल है जिसका उद्देश्य रक्षा, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। सेना-IISc MoU इस सोच को सीधे आगे बढ़ाता है: सूचना सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आयातित विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता घटाते हुए स्वदेशी AI क्षमता विकसित करके।
iDEX क्या है और यह सेना-IISc AI पहल का किस तरह पूरक है?
iDEX (रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार) रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार की पहल है, जो स्टार्टअप, MSME और शोध संस्थानों को जोड़कर रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देती है। सेना-IISc AI MoU iDEX का पूरक है, क्योंकि यह प्रमुख शैक्षणिक अनुसंधान को सीधे रक्षा AI के उपयोगों से जोड़कर स्वदेशीकरण के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है।
सेना-IISc AI प्रणाली डिजिटल सूचना जगत में किन खास चुनौतियों से निपटेगी?
सेना-IISc MoU के तहत विकसित हो रही AI प्रणाली दुष्प्रचार — भ्रामक या गलत सूचना फैलाने — का मुकाबला करने और डिजिटल क्षेत्र में सूचना सुरक्षा मजबूत करने के लिए बनाई जा रही है। आधुनिक युद्ध में ये अत्यंत महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं, जहाँ सूचना संचालन और साइबर खतरे भौतिक युद्ध जितने ही गंभीर हैं।
IISc बेंगलुरु क्या है और AI-आधारित रक्षा अनुसंधान के लिए यह रणनीतिक साझेदार क्यों है?
IISc (भारतीय विज्ञान संस्थान) बेंगलुरु 1909 में स्थापित भारत का प्रमुख शोध विश्वविद्यालय है, जो विज्ञान और इंजीनियरिंग में अग्रणी अनुसंधान के लिए जाना जाता है। AI और कंप्यूटर विज्ञान में विश्व स्तरीय शोध सुविधाएँ, गहरी विशेषज्ञता और राष्ट्रीय प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग का पिछला रिकॉर्ड — ये सब इसे AI-आधारित रक्षा अनुसंधान का रणनीतिक साझेदार बनाते हैं।
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