प्रकाशित: 26 दिसंबर 2025PIB / Ministry of Commerceअर्थव्यवस्था
भारत-ओमान सीईपीए 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षरित: दूसरा खाड़ी मुक्त व्यापार समझौता ओमान बाजार में शून्य-शुल्क पहुँच का रास्ता खोलेगा
भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए, जो खाड़ी क्षेत्र में भारत की व्यापार कूटनीति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह फरवरी 2022 में हस्ताक्षरित यूएई-भारत CEPA के बाद GCC सदस्य देश के साथ भारत का दूसरा CEPA है।
समझौते के तहत ओमान अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य आयात शुल्क लागू करेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को ओमानी बाजार में लगभग पूरी तरह शुल्क-मुक्त पहुँच मिलेगी। इसमें वस्त्र, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण और कृषि उत्पाद शामिल हैं। भारत ने भी पेट्रोकेमिकल्स, खनिज संसाधन और कुछ औद्योगिक वस्तुओं पर रियायतें दी हैं।
CEPA में सेवा व्यापार — आईटी और आईटीईएस, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाएँ और पेशेवर सेवाएँ — और द्विपक्षीय निवेश भी शामिल है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.61 अरब अमेरिकी डॉलर था, और CEPA से अगले दशक में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
रणनीतिक रूप से यह समझौता खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति को मजबूत करता है, जहाँ लगभग 89 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। भारत-ओमान CEPA एक संभावित व्यापक GCC-भारत FTA से पहले द्विपक्षीय समझौते की भारत की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षरित भारत-ओमान सीईपीए के भारत के दूसरे खाड़ी मुक्त व्यापार समझौते के रूप में महत्व और द्विपक्षीय व्यापार पर इसके प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत-ओमान सीईपीए, 2022 के यूएई समझौते के बाद भारत का दूसरा खाड़ी व्यापार समझौता, ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क देता है जिसमें वस्त्र, दवाइयाँ और इंजीनियरिंग सामान शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 10.6 अरब डॉलर रहा। समझौते में सेवाएँ और निवेश भी शामिल हैं, जिससे 89 लाख खाड़ी प्रवासियों के बीच भारत की उपस्थिति मजबूत होती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-ओमान CEPA क्या है और इस पर कब हस्ताक्षर हुए?
भारत-ओमान CEPA एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता है जिसमें वस्तुएँ, सेवाएँ और निवेश शामिल हैं। इस पर 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर हुए और यह फरवरी 2022 के यूएई-भारत CEPA के बाद GCC सदस्य देश के साथ भारत का दूसरा CEPA है।
CEPA के तहत ओमान की कितने प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क होगा?
भारत-ओमान CEPA के तहत ओमान अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर आयात शुल्क शून्य रखेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को ओमानी बाजार में वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर लगभग पूरी शुल्क-मुक्त पहुँच मिलेगी।
FY2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार कितना था?
FY2024-25 में भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $10.6 अरब था। CEPA से अगले दशक में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
भारत-ओमान CEPA भारत की व्यापक खाड़ी व्यापार रणनीति में कैसे शामिल होता है?
भारत-ओमान CEPA, GCC सदस्य देशों के साथ अलग-अलग आर्थिक संबंध मजबूत करने की भारत की रणनीति का हिस्सा है। खाड़ी में लगभग 89 लाख भारतीय प्रवासी हैं और यह क्षेत्र तेल आयात तथा धन-प्रेषण के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत-ओमान CEPA के सेवा अध्याय में कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
CEPA के सेवा अध्याय में आईटी और आईटीईएस, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाएँ और पेशेवर सेवाएँ शामिल हैं। इसमें द्विपक्षीय निवेश सुविधा से जुड़े प्रावधान भी हैं।