भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए, जो खाड़ी क्षेत्र में भारत की व्यापार कूटनीति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह फरवरी 2022 में हस्ताक्षरित यूएई-भारत CEPA के बाद GCC सदस्य देश के साथ भारत का दूसरा CEPA है।

समझौते के तहत ओमान अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य आयात शुल्क लागू करेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को ओमानी बाजार में लगभग पूरी तरह शुल्क-मुक्त पहुँच मिलेगी। इसमें वस्त्र, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण और कृषि उत्पाद शामिल हैं। भारत ने भी पेट्रोकेमिकल्स, खनिज संसाधन और कुछ औद्योगिक वस्तुओं पर रियायतें दी हैं।

CEPA में सेवा व्यापार — आईटी और आईटीईएस, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाएँ और पेशेवर सेवाएँ — और द्विपक्षीय निवेश भी शामिल है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.61 अरब अमेरिकी डॉलर था, और CEPA से अगले दशक में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

रणनीतिक रूप से यह समझौता खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति को मजबूत करता है, जहाँ लगभग 89 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। भारत-ओमान CEPA एक संभावित व्यापक GCC-भारत FTA से पहले द्विपक्षीय समझौते की भारत की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।