भारतीय सेना ने 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान में अपना 78वाँ सेना दिवस मनाया। यह ऐतिहासिक अवसर था, क्योंकि सेना दिवस परेड पहली बार किसी सैन्य छावनी के बाहर, जयपुर की मुख्य सड़क महल रोड पर आयोजित की गई। एक लाख से अधिक उत्साही दर्शकों ने परेड देखी, जो भारतीय सेना और जनता के बीच विश्वास और गर्व के मजबूत बंधन को दिखाती है। 2026 का विषय 'नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष' था, जो सेना के डिजिटल परिवर्तन, AI-चालित युद्ध, साइबर लचीलेपन और एकीकृत युद्ध प्रबंधन प्रणालियों की ओर बढ़ते कदमों को रेखांकित करता है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम में भाग लिया। परेड में भैरव बटालियन दस्ते पहली बार शामिल हुए — ये त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नई और चुस्त संरचनाएँ हैं। स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें T-90 और अर्जुन टैंक, K-9 वज्र, धनुष, ATAGS, BrahMos मिसाइल, पिनाका और स्वदेशी ड्रोन शामिल थे। ऑपरेशन सिंदूर का नाटकीय मंचन और 1,000 ड्रोन शो का आयोजन किया गया। राजनाथ सिंह ने 'नमन केंद्रों' का उद्घाटन भी किया — ये वयोवृद्ध सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए समर्पित सुविधाएँ हैं। सेना दिवस 15 जनवरी 1949 की याद में मनाया जाता है, जब फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे।