प्रकाशित: 30 अक्टूबर 2025PIB/UIDAIविज्ञान-प्रौद्योगिकी
UIDAI ने आधार विजन 2032 फ्रेमवर्क पेश किया
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अक्टूबर 2025 में आधार विजन 2032 फ्रेमवर्क का अनावरण किया, जो सात वर्षों का व्यापक रोडमैप है। इसे नीलकंठ मिश्रा समिति के नेतृत्व में विकसित किया गया।
आधार विजन 2032 रोडमैप चार प्रमुख तकनीकी स्तंभों पर केंद्रित है: धोखाधड़ी की पहचान और सेवाओं के वैयक्तिकरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI); पहचान रिकॉर्ड को अपरिवर्तनीय और छेड़छाड़-रोधी बनाने के लिए ब्लॉकचेन; 140 करोड़ डिजिटल पहचान धारकों के बायोमेट्रिक डेटा को भविष्य के क्वांटम कंप्यूटिंग हमलों से बचाने के लिए क्वांटम-सुरक्षित एन्क्रिप्शन; और गोपनीयता-संरक्षण प्रमाणीकरण के लिए जीरो-नॉलेज प्रूफ।
यह फ्रेमवर्क आधार के भविष्य के विकास को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 के अनुरूप बनाता है। नए फ्रेमवर्क के तहत आधार प्रमाणीकरण में सहमति डैशबोर्ड लागू होंगे।
विजन 2032 में ऑफलाइन और ग्रामीण पहुंच पर विशेष जोर है। UIDAI सभी तहसील-स्तरीय प्रशासनिक इकाइयों में आधार सेवा केंद्र (ASK) स्थापित करने की योजना बना रहा है। राजस्थान को अपने विस्तृत ग्रामीण और रेगिस्तानी भूगोल के कारण इस पहल से विशेष लाभ होगा।
वर्तमान में आधार में भारत की लगभग 99% वयस्क आबादी शामिल है और इसके 140 करोड़ अद्वितीय पहचान धारक हैं। यह प्रणाली प्रतिदिन 10 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण अनुरोध संसाधित करती है। विजन 2032 का लक्ष्य आधार के उपयोग को स्वास्थ्य (आयुष्मान भारत), शिक्षा (शैक्षणिक क्रेडिट बैंक) और सामाजिक संरक्षण (PM-JANMAN) तक विस्तारित करना है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयप्रकारनीतिविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतPIB/UIDAI
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आधार विजन 2032 विकसित करने वाली समिति का नेतृत्व किसने किया?
आधार विजन 2032 फ्रेमवर्क नीलकंठ मिश्रा, अर्थशास्त्री और नीति आयोग सदस्य, की अध्यक्षता वाली समिति ने विकसित किया।
आधार विजन 2032 के चार प्रमुख तकनीकी स्तंभ क्या हैं?
चार स्तंभ हैं: (1) धोखाधड़ी की पहचान और वैयक्तिकरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता; (2) अपरिवर्तनीय पहचान रिकॉर्ड के लिए ब्लॉकचेन; (3) 140 करोड़ धारकों के बायोमेट्रिक डेटा की सुरक्षा के लिए क्वांटम-सुरक्षित एन्क्रिप्शन; और (4) गोपनीयता-संरक्षित प्रमाणीकरण के लिए जीरो-नॉलेज प्रूफ।
आधार विजन 2032 DPDP अधिनियम 2023 के साथ कैसे मेल खाता है?
विजन 2032 में DPDP अधिनियम 2023 के अनुरूप सहमति डैशबोर्ड लागू करने की बात है, जिससे उपयोगकर्ता अपने आधार डेटा तक पहुँच की निगरानी कर सकेंगे और उसे रद्द कर सकेंगे।
आधार विजन 2032 का ग्रामीण राजस्थान के लिए क्या महत्त्व है?
UIDAI सभी तहसील-स्तरीय प्रशासनिक इकाइयों में आधार सेवा केंद्र (ASK) स्थापित करने की योजना बना रहा है। विशाल रेगिस्तानी क्षेत्र और दूरदराज में बसी आबादी वाले राजस्थान के लिए तहसील-स्तरीय ASK, इंटरनेट पर निर्भर हुए बिना ऑफलाइन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण संभव करेंगे।