11 नवंबर 2025 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में 22वें सीआईआई वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा को किफायती बनाने और भारत को दुनिया भर के मरीजों के लिए गुणवत्तापूर्ण उपचार के गंतव्य के रूप में उभारने की सरकार की दृष्टि रखी। मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है, तथा चिकित्सा उपकरणों, कैंसर देखभाल दवाओं और कई आवश्यक दवाओं पर शुल्क कम किए गए हैं ताकि उपचार अधिक सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि भारत में 2014 में 7 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 23 एम्स तथा 706 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से की गई घोषणा के अनुरूप 2029 तक मेडिकल सीटों में और विस्तार नियोजित है। गोयल ने बताया कि जन औषधि केंद्र 10,000 की संख्या पार कर चुके हैं, जो किफायती जेनेरिक दवाएँ और स्वच्छता उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। आयुष्मान भारत के तहत अब लगभग 70 करोड़ पात्र नागरिक शामिल हैं तथा 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय की परवाह किए बिना निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा दी गई है। विदेश से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के संदर्भ में मंत्री ने चिकित्सा पर्यटकों के लिए वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा सुविधाओं के सुझावों का स्वागत किया तथा बताया कि भारत विकसित देशों की तुलना में एक-तिहाई से एक-चौथाई लागत पर विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अस्पताल विदेशी रोगियों की क्षमता अधिकतम 10 प्रतिशत रखने पर विचार कर सकते हैं तथा राजस्व का एक हिस्सा आयुष्मान भारत अथवा सीएसआर गतिविधियों में दे सकते हैं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने आग्रह किया कि 'हील इन इंडिया' आधुनिक चिकित्सा को आयुर्वेद, योग, ध्यान और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ जोड़े, ताकि भारत को विश्व का नंबर एक स्वास्थ्य-कल्याण गंतव्य बनाया जा सके।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 22वें CII वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन को संबोधित किया; स्वास्थ्य बीमा पर GST शून्य करने और 'हील इन इंडिया' दृष्टिकोण का उल्लेख किया
11 नवंबर 2025 को 22वें सीआईआई वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर जीएसटी 18% से घटाकर शून्य करने, एम्स (7 से 23) और मेडिकल कॉलेजों (387 से 706) के विस्तार, 10,000+ जन औषधि केंद्रों और आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा से जोड़ने वाले 'हील इन इंडिया' दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 11 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में 22वें सीआईआई वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।
- स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर जीएसटी 18% से घटाकर शून्य कर दिया गया है; चिकित्सा उपकरणों और कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर शुल्क भी उन्हें अधिक किफायती बनाने के लिए कम किए गए।
- एम्स की संख्या 2014 में 7 से बढ़कर 23 हो गई, मेडिकल कॉलेज 387 से 706 हुए; 2029 तक मेडिकल सीटों में और विस्तार की योजना है।
- जन औषधि केंद्र 10,000 की संख्या पार कर गए; आयुष्मान भारत में लगभग 70 करोड़ लोग शामिल हैं; 70 वर्ष से ऊपर सभी नागरिकों को आय की परवाह किए बिना निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा।
- मंत्री ने चिकित्सा पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा देने के प्रस्तावों का स्वागत किया; भारत विकसित देशों की तुलना में एक-तिहाई से एक-चौथाई लागत पर विश्वस्तरीय देखभाल देता है; आग्रह किया कि 'हील इन इंडिया' आयुर्वेद, योग, ध्यान और आध्यात्मिक पर्यटन को साथ लेकर चले।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सीआईआई स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में उल्लिखित सुधार भारत को वैश्विक चिकित्सा पर्यटन गंतव्य कैसे बनाते हैं?
उत्तर (50 शब्द):
11 नवंबर 2025 को मंत्री गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य बीमा जीएसटी 18 से शून्य प्रतिशत हुआ, एम्स 7 से 23 और मेडिकल कॉलेज 387 से 706 हुए तथा 10,000 जन औषधि केंद्र बने। हील-इन-इंडिया आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा को जोड़कर विकसित देशों की एक तिहाई लागत पर पर्यटकों को आकर्षित करता है।
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11 नवंबर 2025 को 22वें सीआईआई वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर जीएसटी 18% से घटाकर किस दर पर कर दिया गया है?
पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री पीयूष गोयल ने 11 नवंबर 2025 को 22वें सीआईआई वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में यह जानकारी दी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी 18% से घटाकर 0% कर दिया गया है। साथ ही चिकित्सा उपकरणों और कैंसर-देखभाल दवाओं पर शुल्क भी कम किए गए हैं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
22वें सीआईआई वार्षिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर जीएसटी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है, तथा चिकित्सा उपकरणों, कैंसर के इलाज की दवाओं और कई आवश्यक दवाओं पर शुल्क भी सस्ती उपलब्धता बढ़ाने के लिए कम किए गए हैं।
गोयल के अनुसार 2014 से भारत के चिकित्सा शिक्षा ढांचे का विस्तार कैसे हुआ है?
एम्स संस्थान 7 से बढ़कर 23 हो गए हैं और मेडिकल कॉलेज 387 से 706 तक पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री ने 2029 तक मेडिकल सीटों में और उल्लेखनीय विस्तार की घोषणा की है।
आयुष्मान भारत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का वर्तमान दायरा क्या है?
आयुष्मान भारत के तहत लगभग 70 करोड़ नागरिक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा के लिए पात्र हैं; 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय की परवाह किए बिना निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई है।
गोयल भारत को दुनिया में किफायती चिकित्सा-पर्यटन गंतव्य के रूप में कैसे स्थापित करना चाहते हैं?
उन्होंने चिकित्सा पर्यटकों के लिए वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा प्रस्तावों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि भारत विकसित देशों की तुलना में एक-तिहाई से एक-चौथाई लागत पर उपचार देता है, सुझाव दिया कि अस्पताल अपनी क्षमता का 10 प्रतिशत हिस्सा विदेशी रोगियों के लिए रख सकते हैं, तथा आग्रह किया कि 'हील इन इंडिया' आधुनिक चिकित्सा को आयुर्वेद, योग, ध्यान और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ जोड़े।
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