भारत ने 58वें अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने चार स्वर्ण पदक जीते। टीम में देबदत्ता प्रियदर्शी, हर्षित सिंघल, कबीर छिल्लर और संदीप कुची शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 जुलाई 2026 को टीम को बधाई दी और कहा कि भारत की युवा शक्ति वैश्विक स्तर पर लगातार अपनी छाप छोड़ रही है।
प्रधानमंत्री ने इसे एक प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता बताया और कहा कि इसमें भारत का यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। उनके संदेश में पदकों के साथ-साथ विद्यार्थियों के गुणों पर भी ज़ोर था। उन्होंने टीम की काबिलियत, लगन और विज्ञान के प्रति जुनून की सराहना करते हुए कहा कि इन विद्यार्थियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरक माना। उनके अनुसार, टीम की सफलता अनगिनत युवा प्रतिभाओं को रसायन विज्ञान पढ़ने और इस विषय में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। इस तरह उपलब्धि के दो स्पष्ट पक्ष हैं—ओलंपियाड में भारत का रिकॉर्ड प्रदर्शन और रसायन विज्ञान में व्यापक रुचि व उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलने की संभावना।
मुख्य तथ्य यह हैं कि यह 58वां अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड था, भारतीय टीम में चार विद्यार्थी थे, टीम ने चार स्वर्ण पदक जीते और यह प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। प्रधानमंत्री के संदेश ने उपलब्धि के साथ विद्यार्थियों की काबिलियत, लगन और विज्ञान के प्रति जुनून को भी रेखांकित किया।
