प्रकाशित: 25 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
नालंदा विश्वविद्यालय में भारत की सॉफ्ट पावर और युवा कूटनीति पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
नालंदा विश्वविद्यालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से, 26-28 मार्च 2026 को बिहार के राजगीर स्थित अपने परिसर में 'भारत विश्व मंच पर: सॉफ्ट पावर, नीति और युवा कूटनीति' शीर्षक से तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य दुनिया भर के 35 वर्ष से कम आयु के युवा विद्वानों, व्यवसायियों, नीति निर्माताओं और युवा नेताओं को एक साथ लाना है, ताकि सॉफ्ट पावर और युवाओं के नेतृत्व वाली कूटनीति से भारत की बदलती वैश्विक भागीदारी पर विचार-विमर्श हो सके।
कार्यक्रम में कूटनीति में युवाओं की भागीदारी, जलवायु पक्षधरता, शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंध, मानवीय कार्य और बहुभाषी सार्वजनिक भागीदारी जैसे कई विषयों पर चर्चा होगी।
संगोष्ठी का प्रचार बर्मिंघम (ब्रिटेन), बर्न (स्विट्जरलैंड), एथेंस (ग्रीस) और सैंटियागो (चिली) सहित दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के ज़रिए किया जा रहा है।
नालंदा विश्वविद्यालय, 2010 में संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित, प्राचीन नालंदा महाविहार पर आधारित एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नालंदा विश्वविद्यालय की सॉफ्ट पावर और युवा कूटनीति संगोष्ठी वैश्विक संपर्क के लिए सांस्कृतिक विरासत के उपयोग की भारत की रणनीति कैसे दर्शाती है?
उत्तर (50 शब्द):
नालंदा विश्वविद्यालय ने युवा कार्य मंत्रालय के साथ 26-28 मार्च 2026 को राजगीर, बिहार में सॉफ्ट पावर, नीति एवं युवा कूटनीति पर तीन दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की। 35 वर्ष से कम आयु के विद्वानों के लिए इसमें जलवायु समर्थन, सांस्कृतिक कूटनीति और बहुभाषी संवाद शामिल था। विश्व भर के भारतीय दूतावासों द्वारा प्रचारित यह पहल नालंदा की अंतर्राष्ट्रीय विद्वत परंपरा को फिर से जीवित करती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजअंतरराष्ट्रीयविषयअंतरराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
प्राचीन शिक्षा केंद्र को पुनर्जीवित करने वाले नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना संसद के एक अधिनियम द्वारा किस वर्ष में की गई थी?
व्याख्या · सही उत्तर Aनालंदा विश्वविद्यालय नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2010 के तहत स्थापित हुआ। संसद के इस अधिनियम ने बिहार में उसे एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान का दर्जा दिया। इसकी परिकल्पना प्राचीन नालंदा महाविहार के आधार पर बौद्धिक, दार्शनिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अध्ययन के केंद्र के रूप में की गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मार्च 2026 में नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी क्या है और इसका विषय क्या है?
**नालंदा विश्वविद्यालय** **26-28 मार्च 2026** को **राजगीर, बिहार** में **'भारत विश्व मंच पर: सॉफ्ट पावर, नीति और युवा कूटनीति'** शीर्षक से तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी कर रहा है। यह **युवा मामले और खेल मंत्रालय** के सहयोग से आयोजित है और **35 वर्ष से कम आयु** के युवा विद्वानों और नीति निर्माताओं के लिए है।
नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना संसद द्वारा कब की गई और यह कहां स्थित है?
**नालंदा विश्वविद्यालय** की स्थापना **2010 में संसद के एक अधिनियम** द्वारा प्राचीन **नालंदा महाविहार** के आधार पर एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में की गई थी। यह **राजगीर, बिहार** में स्थित है और इसका उद्देश्य प्राचीन नालंदा की विद्वत्तापूर्ण आदान-प्रदान की परंपरा को पुनर्जीवित करना है।
मार्च 2026 में नालंदा विश्वविद्यालय की भारत की सॉफ्ट पावर पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में कौन से प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई?
संगोष्ठी में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा हुई:
- **कूटनीति में युवा भागीदारी** और जलवायु से जुड़े मुद्दों की वकालत
- **शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंध** और मानवीय कार्य
- **बहुभाषी सार्वजनिक भागीदारी** और सॉफ्ट पावर नीति
दुनिया भर के प्रतिभागियों से मूल शोध पत्र आमंत्रित किए गए थे।
नालंदा विश्वविद्यालय की 2026 सॉफ्ट पावर संगोष्ठी को किन भारतीय दूतावासों के ज़रिए प्रचारित किया गया?
**नालंदा विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी** को निम्नलिखित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के ज़रिए प्रचारित किया गया:
- **बर्मिंघम (ब्रिटेन)**
- **बर्न (स्विट्जरलैंड)**
- **एथेंस (ग्रीस)**
- **सैंटियागो (चिली)**
2026 में नालंदा विश्वविद्यालय की भारत की सॉफ्ट पावर पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन में किस मंत्रालय ने सहयोग किया?
संगोष्ठी का आयोजन **युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार** के सहयोग से किया गया। इस साझेदारी से **युवाओं के नेतृत्व वाली कूटनीति** और सॉफ्ट पावर व सांस्कृतिक संबंधों के ज़रिए भारत की वैश्विक भागीदारी रणनीति पर सरकार का जोर झलकता है।