17–19 फरवरी 2026 को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को 2047 के रोडमैप के साथ 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा मिला। दोनों देशों ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा, AI और परमाणु ऊर्जा में 21 समझौते किए।

सबसे महत्वपूर्ण परिणाम 12 फरवरी 2026 को भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा वायुसेना के लिए 114 राफेल बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (MRFA) की खरीद को 3.25 लाख करोड़ रुपये (लगभग $3600–3800 करोड़) की अनुमानित लागत पर मंजूरी देना था। 114 में से 18 विमान फ्रांस से सीधे मिलेंगे और 96 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में बनेंगे, जिसमें स्वदेशी सामग्री 60% तक पहुंचने की उम्मीद है। PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने वर्चुअल रूप से कर्नाटक के वेमगल में एयरबस H125 के लिए भारत की पहली निजी क्षेत्र की हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन (FAL) का उद्घाटन किया।

दोनों देशों ने भारत के 100 GW परमाणु ऊर्जा लक्ष्य के लिए फ्रांस की EDF के साथ लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) के सह-विकास पर सहमति जताई। '2026 नवाचार वर्ष' और फ्रांसीसी हवाई अड्डों से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए 6 महीने के पायलट के रूप में वीज़ा-मुक्त ट्रांजिट की भी घोषणा हुई।