26 फरवरी 2026 को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पुडुचेरी में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत भारत में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) से खाद्य सब्सिडी बाँटने का पहला पायलट शुरू किया।

इस पायलट में भारतीय रिज़र्व बैंक की ओर से तैयार, पहले से तय शर्तों वाले डिजिटल टोकन (e₹) के रूप में लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी दी जाती है। ये डिजिटल कूपन लाभार्थियों के CBDC वॉलेट में भेजे जाते हैं और अपने हिस्से का खाद्यान्न खरीदने के लिए केवल अधिकृत उचित मूल्य दुकानों (FPS) पर भुनाए जा सकते हैं। इससे सब्सिडी का इस्तेमाल केवल तय काम के लिए होता है और रिसाव रुकता है। PMGKAY दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है और 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ़्त खाद्यान्न देती है।

यह पहल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था (DBT) और डिजिटल मुद्रा तकनीक को एक साथ लाती है। पुडुचेरी के बाद इस मॉडल को चंडीगढ़ और दादरा व नगर हवेली में लागू करने तथा फिर चरणबद्ध तरीके से देशभर में विस्तार करने की योजना है। राजस्थान के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में PMGKAY के लाभार्थी बड़ी संख्या में हैं। बाड़मेर, जैसलमेर और डूंगरपुर जैसे जिलों में इस तकनीक से रिसाव घट सकता है और सब्सिडी सही लाभार्थियों तक बेहतर ढंग से पहुँच सकती है।