26 फरवरी को भारत ने पुडुचेरी में PMGKAY के तहत CBDC-आधारित डिजिटल खाद्य मुद्रा पायलट शुरू किया
Aसीधा उत्तर
26 फरवरी 2026 को भारत ने पुडुचेरी में PMGKAY के तहत CBDC पायलट शुरू किया, जहां लाभार्थियों को केवल उचित मूल्य की दुकानों पर इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रोग्रामेबल e₹ डिजिटल टोकन मिलते हैं। यह पायलट पुडुचेरी में सीमित लाभार्थियों से शुरू हुआ; पीएमजीकेएवाई राष्ट्रीय स्तर पर 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को शामिल करती है और चंडीगढ़ तथा दादरा व नगर हवेली में विस्तार की योजना है।
मुख्य तथ्य
भारत ने 26 फरवरी 2026 को PMGKAY के तहत पुडुचेरी में CBDC-आधारित पायलट लॉन्च किया।
लाभार्थियों को प्रोग्रामेबल e₹ (डिजिटल रुपया) टोकन मिलते हैं, जिन्हें केवल उचित मूल्य दुकानों पर भुनाया जा सकता है।
पायलट पुडुचेरी में सीमित लाभार्थियों के साथ शुरू हुआ; PMGKAY राष्ट्रीय स्तर पर 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचती है; चंडीगढ़ और दादरा व नगर हवेली में विस्तार की योजना है।
e₹ RBI द्वारा नवंबर 2022 में लॉन्च किया गया भारत का CBDC है; प्रोग्रामेबल टोकन उपयोग को विशिष्ट उद्देश्यों तक सीमित कर सकते हैं।
PMGKAY NFSA के तहत अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता परिवार लाभार्थियों को 1 जनवरी 2024 से पांच वर्ष तक मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करती है।
पायलट का लक्ष्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में रिसाव समाप्त करना और धन के प्रवाह पर वास्तविक समय में नज़र रखना संभव बनाना है।
26 फरवरी 2026 को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पुडुचेरी में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत भारत का पहला CBDC-आधारित डिजिटल खाद्य सब्सिडी वितरण पायलट शुरू किया।
इस पायलट में खाद्य सब्सिडी की पात्र राशि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तैयार प्रोग्रामेबल डिजिटल टोकन (e₹) के रूप में लाभार्थियों के खाते में जमा की जाती है। ये डिजिटल कूपन लाभार्थियों के CBDC वॉलेट में पहुंचते हैं और केवल अधिकृत उचित मूल्य की दुकानों (FPS) पर खाद्यान्न खरीदने के लिए भुनाए जा सकते हैं — इससे राशि का तय उद्देश्य के लिए उपयोग सुनिश्चित होता है और लीकेज खत्म होता है। PMGKAY विश्व की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है, जो 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करती है।
पुडुचेरी के बाद इस मॉडल को चंडीगढ़ और दादरा व नगर हवेली में विस्तारित करने की योजना है। राजस्थान में PMGKAY के बड़ी संख्या में लाभार्थी हैं — बाड़मेर, जैसलमेर और डूंगरपुर जैसे जिलों में इस तकनीक से लीकेज कम होने और बेहतर लक्ष्यीकरण से लाभ मिल सकता है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2024 डिजिटल रुपया (e ₹) क्या है? यह UPI से किस प्रकार भिन्न है? — यह प्रश्न सीधे सीबीडीसी ज्ञान की परीक्षा करता है, जो पुडुचेरी में पीएमजीकेएवाई के तहत शुरू किए गए डिजिटल खाद्य मुद्रा पायलट की मूल प्रौद्योगिकी है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पीएमजीकेएवाई के तहत सीबीडीसी-आधारित डिजिटल खाद्य मुद्रा पायलट का महत्व और सार्वजनिक वितरण की दक्षता बदलने की क्षमता का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने 26 फरवरी 2026 को पुडुचेरी में सीबीडीसी पायलट शुरू किया। लाभार्थियों को भारतीय रिज़र्व बैंक से प्रोग्राम योग्य डिजिटल टोकन मिलते हैं, जिनका उपयोग केवल उचित मूल्य की दुकानों पर हो सकता है। 80 करोड़ से अधिक लाभार्थी शामिल हैं, रिसाव समाप्त होता है और चंडीगढ़ तक विस्तार की योजना है।
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पुडुचेरी में PMGKAY के तहत DBT के लिए CBDC-आधारित डिजिटल फूड करेंसी पायलट का उद्घाटन किस तारीख को हुआ?
व्याख्या · सही उत्तर A
भारत सरकार ने पुडुचेरी में PMGKAY के तहत DBT के लिए CBDC-आधारित डिजिटल फूड करेंसी पायलट 26 फरवरी 2026 को शुरू किया। इसका उद्घाटन केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया। पायलट का उद्देश्य पारंपरिक बैंक खातों की जगह लाभार्थियों के CBDC वॉलेट में खाद्य सब्सिडी सीधे भेजना था।
CBDC क्या है और भारत का डिजिटल रुपया (e₹) किस संस्था ने लॉन्च किया?
CBDC का मतलब है केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा। भारत का डिजिटल रुपया (e₹) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नवंबर 2022 में लॉन्च किया था। यह क्रिप्टोकरेंसी से अलग, सरकार समर्थित संप्रभु डिजिटल मुद्रा है। e₹ प्रोग्रामेबल है — टोकन को विशिष्ट उपयोगों तक सीमित किया जा सकता है, जैसे PMGKAY के तहत केवल उचित मूल्य दुकानों पर खाद्यान्न लेना।
PMGKAY क्या है और CBDC पायलट इसमें कैसे जुड़ता है?
PMGKAY का पूर्ण रूप है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना। यह BPL परिवारों को PDS के जरिए मुफ्त खाद्यान्न देने की कल्याण योजना है, जिसे जनवरी 2024 से अनिश्चित काल के लिए बढ़ाया गया है और इसके दायरे में 80 करोड़+ लाभार्थी आते हैं। 26 फरवरी 2026 को पुडुचेरी में शुरू हुए CBDC पायलट में लाभार्थियों को प्रोग्रामेबल e₹ टोकन मिलते हैं, जिन्हें केवल उचित मूल्य दुकानों पर भुनाया जा सकता है। इससे PDS में रिसाव खत्म होगा और वास्तविक समय में धन की ट्रैकिंग संभव होगी।
CBDC-आधारित डिजिटल खाद्य मुद्रा पायलट के लिए पुडुचेरी को क्यों चुना गया?
पुडुचेरी को पायलट के लिए संभवतः इसकी छोटी और प्रबंधनीय जनसंख्या के कारण चुना गया। इससे प्रौद्योगिकी का परीक्षण करना, परिणामों की निगरानी करना और बड़े राज्यों में विस्तार से पहले समस्याओं को सुलझाना आसान है। पुडुचेरी के बाद चंडीगढ़ और दादरा व नगर हवेली — ये भी छोटी आबादी वाले केंद्र शासित प्रदेश हैं — में विस्तार की योजना है।
'प्रोग्रामेबल मनी' की अवधारणा क्या है और यह PDS रिसाव रोकने में कैसे मदद करती है?
प्रोग्रामेबल मनी ऐसी डिजिटल मुद्रा है जिसमें यह शर्तें जोड़ी जा सकती हैं कि इसे कैसे और कहाँ खर्च किया जाएगा। CBDC-PMGKAY पायलट में e₹ टोकन इस तरह प्रोग्राम किए गए हैं कि उनका उपयोग केवल उचित मूल्य दुकानों पर खाद्यान्न खरीदने के लिए हो सके। इससे सब्सिडी का दुरुपयोग रुकता है, बिचौलिए हटते हैं और सरकार लेनदेन को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकती है। यह PDS में रिसाव की पुरानी समस्या का सीधा समाधान है।
CBDC (e₹) और UPI या पारंपरिक नकद हस्तांतरण में क्या मुख्य अंतर हैं?
CBDC (e₹) RBI द्वारा सीधे जारी की गई संप्रभु डिजिटल मुद्रा है, जबकि UPI एक भुगतान इंटरफेस है, जिससे बैंक बैलेंस ट्रांसफर होता है। नकद के विपरीत, e₹ को प्रोग्रामेबल बनाया जा सकता है। DBT में नकद राशि बैंक खाते में आती है और स्वतंत्र रूप से निकाली जा सकती है, जबकि प्रोग्रामेबल e₹ यह सुनिश्चित करता है कि सब्सिडी केवल इच्छित उद्देश्य, जैसे FPS पर खाद्यान्न खरीदने, के लिए ही उपयोग हो। इसी कारण यह कल्याणकारी वितरण के लिए अधिक लक्षित और रिसाव-मुक्त उपकरण बनता है।
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