वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने 25 मार्च 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर अगले पांच वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए भारत के खुदरा मुद्रास्फीति लक्ष्य को 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत की सहनशीलता सीमा के साथ 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

यह अधिसूचना भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत जारी की गई है। 2016 में औपचारिक मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाए जाने के बाद यह लगातार दूसरा मौका है जब सरकार ने मौजूदा मुद्रास्फीति लक्ष्यों को अपरिवर्तित रखा है।

इस निर्णय से भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति में निरंतरता बनी रहेगी। मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे में RBI को सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि मुद्रास्फीति लगातार तीन तिमाहियों तक सीमा से बाहर रहती है, तो RBI को कारण बताने और उपचारात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करनी होती है।