4–5 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ क्षेत्र में 'ऑपरेशन कीया' नाम से एक संयुक्त आतंकवाद-निरोधी अभियान चलाया गया। यह अभियान विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर काउंटर-इन्सर्जेंसी फोर्स (CIF) डेल्टा, भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने मिलकर चलाया।

3 फरवरी को शाम 4 बजे जोफर वन क्षेत्र में आतंकवादियों से मुठभेड़ शुरू हुई। घने जंगल में एक गुफा में घिरे दोनों आतंकवादियों को 20 घंटे की मुठभेड़ के बाद मार गिराया गया। एक मारे गए आतंकवादी की पहचान रुबानी उर्फ अबू मावी के रूप में हुई, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का शीर्ष कमांडर था और क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय था। M4 कार्बाइन और AK श्रृंखला की राइफल सहित हथियारों का जखीरा बरामद किया गया।

यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद और 31 जनवरी के नई दिल्ली घोषणापत्र में पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध भारत के कठोर रुख की पुष्टि के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।