भारत ने जापान को पछाड़कर लगभग 4.18 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल किया है। इससे वह चीन के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में मिली इस उपलब्धि के पीछे मज़बूत घरेलू माँग, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं से विनिर्माण में आई नई तेज़ी और सेवा क्षेत्र की बढ़त रही। 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान है, जो विश्व की अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से तेज़ है। 2026-27 में वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। सरकार के पूंजीगत खर्च के जारी रहने, निजी निवेश में सुधार और मज़बूत खपत से इसे सहारा मिलने की उम्मीद है। खुदरा महँगाई 2024-25 के 4.6% से घटकर अप्रैल-दिसंबर 2025 में लगभग 1.7% रह गई। इससे वास्तविक क्रय-शक्ति बेहतर हुई और खपत को बढ़ावा मिला। RBI की ओर से हाल में की गई ब्याज़-दर कटौतियों ने भी घरेलू माँग को सहारा दिया है। PLI योजना के तहत ₹2.16 लाख करोड़ से अधिक का कुल निवेश आया है। मोबाइल फ़ोन, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा उद्योग समेत 14 क्षेत्रों में उत्पादन और बिक्री का कुल मूल्य ₹20.41 लाख करोड़ से अधिक रहा है। विश्व अर्थव्यवस्था में भारत 2014 में 10वें स्थान पर था, 2022 में 5वें और 2026 में चौथे स्थान पर पहुँच गया। यह बदलाव भारत की दीर्घकालीन विकास क्षमता को दिखाता है। चुनौतियों में भारतीय निर्यात पर अमेरिका की ओर से लगाए गए शुल्कों का पूरा असर, ग्रामीण और शहरी आय की असमानता तथा युवा आबादी के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर बनाए रखना शामिल हैं। भारत का लक्ष्य 2027 तक 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित भारत बनना है।
भारत ने GDP में जापान को पछाड़ा: देश 4.18 लाख करोड़ डॉलर के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना; 2025-26 में 7.4% वृद्धि का अनुमान
भारत ने जापान को पछाड़कर लगभग 4.18 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त किया है, जिससे वह चीन के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह उपलब्धि वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत घरेलू माँग, PLI योजनाओं से मिले बल के कारण विनिर्माण में पुनरुद्धार और सेवा क्षेत्र की बढ़ोतरी पर आधारित है। 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% अनुमानित है। 2026-27 में यह 6.8-7.2% के दायरे में रहने का अनुमान है। खुदरा महँगाई 2024-25 के 4.6% से घटकर अप्रैल-दिसंबर 2025 में लगभग 1.7% पर आ गई है। PLI योजना ने लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है और 14 क्षेत्रों में 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। भारत की GDP यात्रा — 2014 में विश्व की 10वीं, 2022 में 5वीं और नवीनतम 2026 आईएमएफ अनुमान में छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था — इसके संरचनात्मक विकास को दर्शाती है। लक्ष्य है 2027 तक 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर और 2047 तक विकसित भारत बनना।
मुख्य तथ्य
- भारत जापान को पछाड़कर लगभग 4.18 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान है, जो विश्व की अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से तेज़ है।
- खुदरा महँगाई 2024-25 के 4.6% से घटकर अप्रैल-दिसंबर 2025 में लगभग 1.7% रह गई।
- 2025 तक उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना से लगभग ₹2 लाख करोड़ का निवेश आया और 14 क्षेत्रों में ₹17 लाख करोड़ का उत्पादन हुआ।
- विश्व अर्थव्यवस्था में भारत 2014 में 10वें, 2022 में 5वें और 2026 में चौथे स्थान पर पहुँचा; यह उसकी दीर्घकालीन विकास क्षमता को दिखाता है।
- भारत का लक्ष्य 2027 तक 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित भारत बनना है।
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लेख के अनुसार, भारत की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने अब तक कुल कितना निवेश आकर्षित किया है?
लेख में कहा गया है कि पीएलआई योजना ने लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का संचयी निवेश आकर्षित किया है, और 14 क्षेत्रों में 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का उत्पादन हुआ है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत जापान को पछाड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कब बना और भारत का वर्तमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) कितना है?
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में जापान को पछाड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल किया। भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 4.18 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर है। इससे वह चीन के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन गया है।
2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर कितनी है और इसके पीछे कौन-से कारण हैं?
2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान है। इसके पीछे मज़बूत घरेलू माँग, 14 क्षेत्रों में उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं से विनिर्माण में आई नई तेज़ी और सेवा क्षेत्र की बढ़त है। इसी कारण भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
भारत में खुदरा महँगाई कैसे बदली है और इससे आर्थिक स्थिरता के बारे में क्या पता चलता है?
खुदरा महँगाई 2024-25 के 4.6% से घटकर अप्रैल-दिसंबर 2025 में लगभग 1.7% रह गई, जो कीमतों में स्थिरता का साफ़ संकेत है। तेज़ GDP वृद्धि के साथ कम महँगाई अर्थव्यवस्था के लिए अनुकूल माहौल दिखाती है और RBI को मौद्रिक नीति के ज़रिए विकास को सहारा देने की गुंजाइश देती है।
2014 से 2026 तक विश्व अर्थव्यवस्था में भारत का स्थान कैसे बदला और आगे के लक्ष्य क्या हैं?
भारत 2014 में विश्व की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, 2022 में 5वें स्थान पर पहुँचा और 2026 में चौथे स्थान पर आ गया। उसका लक्ष्य 2027 तक 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित भारत बनना है।
उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना क्या है और इससे अब तक क्या हासिल हुआ है?
उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए 14 रणनीतिक क्षेत्रों के निर्माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन देती है। 2025 तक इस योजना से लगभग ₹2 लाख करोड़ का निवेश आया और ₹17 लाख करोड़ का उत्पादन हुआ। इससे भारत में विनिर्माण को बढ़ावा मिला और निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में काफ़ी मदद मिली।
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