वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही, यानी 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक, सभी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं। यह लगातार 8वीं तिमाही थी जब इन दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया। पिछला बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में हुआ था। इस निर्णय के दायरे में सार्वजनिक भविष्य निधि, सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, किसान विकास पत्र और डाकघर बचत खाते जैसे साधन आते हैं।

परीक्षा की दृष्टि से यह अपडेट भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा है, जहां सरकार छोटे बचतकर्ताओं के लिए सुरक्षित और अनुमानित रिटर्न वाले बचत साधनों का प्रबंधन करती है। लघु बचत योजनाएं घरेलू बचत और छोटे बचतकर्ताओं के सुरक्षित निवेश साधनों से जुड़ती हैं, इसलिए RAS और UPSC दोनों में इन्हें प्रीलिम्स के तथ्यात्मक प्रश्नों में जोड़ा जा सकता है। लगातार दरें न बदलने से यह संकेत मिलता है कि सरकार ने इस तिमाही में छोटे निवेशकों के रिटर्न को स्थिर रखने का रास्ता चुना।

स्टैटिक जीके के लिए अभ्यर्थी को यह याद रखना चाहिए कि इन योजनाओं की दरों पर निर्णय वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के स्तर पर होता है और दरों की समीक्षा तिमाही आधार पर की जाती है। इसलिए ऐसे प्रश्न सीधे संस्था, अवधि, प्रभावित योजनाओं और अंतिम संशोधन की तिथि से पूछे जा सकते हैं। जनवरी-मार्च 2026 के लिए मुख्य तथ्य यही है कि सभी प्रमुख लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें पहले जैसी बनी रहीं।