भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 मार्च 2026 को 3-दिवसीय वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी आयोजित की। ₹75,000 करोड़ की अधिसूचित राशि के मुकाबले 5.26% कट-ऑफ दर पर बैंकिंग प्रणाली में ₹25,101 करोड़ की तरलता डाली गई। इससे पहले 17 मार्च को ₹48,014 करोड़ की तरलता डाली गई थी। यह तरलता संचालन ऐसे समय हुआ है जब बैंक अग्रिम कर के बहिर्वाह और GST भुगतान का प्रबंधन कर रहे हैं; कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। RBI हाल के हफ्तों में VRR नीलामी, ओपन मार्केट ऑपरेशन और फॉरेक्स स्वैप के संयोजन से सक्रिय रूप से तरलता का प्रबंधन कर रहा है।
RBI ने बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने के लिए 3-दिवसीय VRR नीलामी से ₹25,101 करोड़ डाले
RBI ने 21 मार्च को VRR नीलामी में 5.26% कट-ऑफ पर ₹25,101 करोड़ की तरलता डाली; इससे पहले 17 मार्च को ₹48,014 करोड़ की तरलता डाली गई थी।
मुख्य तथ्य
- RBI ने 21 मार्च 2026 को 3 दिवसीय Variable Rate Repo (VRR) नीलामी आयोजित की और 6.29% की कट-ऑफ दर पर ₹25,101 करोड़ की राशि प्रणाली में डाली।
- यह बैंकिंग प्रणाली में तरलता बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया।
- RBI तरलता समायोजन सुविधा (LAF) से बाजार में तरलता प्रबंधन करता है।
- रेपो दर वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण प्रदान करता है।
- तरलता प्रबंधन मौद्रिक नीति का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
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RBI द्वारा आयोजित वैरिएबल रेट रीपो (VRR) नीलामी क्या है?
वैरिएबल रेट रीपो (VRR) नीलामी RBI का तरलता बढ़ाने वाला साधन है, जिसमें बैंक बाजार से तय दरों पर धन उधार लेते हैं। मार्च 2026 में, RBI ने 5.26% कट-ऑफ दर पर 3-दिवसीय VRR से 25,101 करोड़ रुपये डाले।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 मार्च 2026 को RBI VRR नीलामी में कट-ऑफ दर क्या थी?
**भारतीय रिजर्व बैंक** ने 21 मार्च 2026 को **3-दिवसीय वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी** **5.26% कट-ऑफ दर** पर आयोजित की। **₹75,000 करोड़** की अधिसूचित राशि के मुकाबले बैंकिंग प्रणाली में केवल **₹25,101 करोड़** की तरलता डाली गई।
RBI ने मार्च 2026 में VRR नीलामी से कितनी तरलता डाली?
RBI ने मार्च 2026 में दो VRR नीलामियों से कुल लगभग **₹73,115 करोड़** की तरलता डाली: **17 मार्च को ₹48,014 करोड़** और **21 मार्च को ₹25,101 करोड़**। ये कदम **अग्रिम कर निकासी, GST भुगतान और कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों** से पैदा हुई तरलता की तंगी कम करने के लिए उठाए गए थे।
RBI ने मार्च 2026 में वेरिएबल रेट रेपो नीलामी क्यों आयोजित की?
RBI ने मार्च 2026 में **बैंकिंग प्रणाली में तरलता की तंगी** दूर करने के लिए VRR नीलामी आयोजित की। यह तंगी **अग्रिम कर भुगतान, GST भुगतान** और **$112/बैरल से ऊपर कच्चे तेल की कीमतों** के दबाव से पैदा हुई थी। VRR नीलामी में बैंक बाजार में तय दरों पर अल्पकालिक धन उधार ले सकते हैं।
2026 में RBI ने तरलता प्रबंधन के लिए कौन से साधनों का उपयोग किया?
RBI ने तरलता प्रबंधन के लिए तीन तरह के उपाय अपनाए: - अल्पकालिक तरलता डालने के लिए **वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी** - दीर्घकालिक तरलता के लिए **ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO)** - मुद्रा और तरलता दबाव संभालने के लिए **फॉरेक्स स्वैप** मार्च 2026 में अकेले VRR नीलामियों से **₹73,000 करोड़ से अधिक** की तरलता डाली गई।
21 मार्च 2026 की RBI VRR नीलामी में अधिसूचित राशि और वास्तव में डाली गई राशि कितनी थी?
**21 मार्च 2026 की RBI 3-दिवसीय VRR नीलामी** में अधिसूचित राशि **₹75,000 करोड़** थी, लेकिन **5.26% कट-ऑफ दर** पर वास्तव में केवल **₹25,101 करोड़** की तरलता डाली गई। इससे पता चलता है कि बैंकों ने उपलब्ध कराई गई तरलता का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही लिया।
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