प्रकाशित: 27 सितंबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
GST दरों को युक्तिसंगत बनाने से कीमतें घटीं; सितंबर 2025 में मुख्य मुद्रास्फीति 1.5% पर
सितंबर 2025 में भारत की मुख्य मुद्रास्फीति घटकर 1.5% रह गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 का औसत 4.6% था। यह गिरावट परीक्षा के दृष्टिकोण से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कर नीति, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, खाद्य कीमतों और मौद्रिक नीति के कई हिस्से एक साथ जुड़ते हैं। 22 सितंबर 2025 से लागू GST दरों के युक्तिकरण ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बास्केट के 11.4% हिस्से को प्रभावित किया। आवश्यक वस्तुओं और घरेलू सामान पर कम GST दरों से उपभोक्ता कीमतों पर सीधा असर पड़ा और मुख्य मुद्रास्फीति नीचे आई।
अच्छी मानसूनी फसल भी इस गिरावट का बड़ा कारण रही। खाद्य एवं पेय पदार्थ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बास्केट का सबसे बड़ा घटक है, इसलिए खाद्य कीमतों में नरमी का असर कुल मुद्रास्फीति पर अधिक दिखता है। इसी समय RBI ने रेपो दर 5.50% पर बनाए रखी और अपना नीतिगत रुख तटस्थ रखा। तटस्थ रुख का अर्थ है कि केंद्रीय बैंक के पास आगे की स्थिति के अनुसार दर घटाने या स्थिर रखने की गुंजाइश रहती है।
स्टैटिक जीके में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक खुदरा मुद्रास्फीति को समझने का प्रमुख आधार है, जबकि रेपो दर RBI की मौद्रिक नीति का मुख्य संकेतक है। प्रीलिम्स में आंकड़े, तारीख और कारण पूछे जा सकते हैं; मुख्य परीक्षा में मुद्रास्फीति नियंत्रण, कर-नीति बदलाव और खाद्य आपूर्ति के प्रभाव पर छोटा विश्लेषण पूछा जा सकता है। यह 8 वर्षों से अधिक समय में भारत की सबसे कम मुद्रास्फीति रीडिंग बताई गई, इसलिए इसे केवल एक मासिक आंकड़े की तरह नहीं, बल्कि राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के संयुक्त प्रभाव के उदाहरण के रूप में पढ़ना चाहिए।
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22 सितंबर 2025 से प्रभावी जीएसटी दर तर्कसंगतीकरण से सीपीआई बास्केट का कितना प्रतिशत प्रभावित हुआ?
व्याख्या · सही उत्तर Bलेख में कहा गया है कि जीएसटी दर तर्कसंगतीकरण ने सीपीआई बास्केट के 11.4% को प्रभावित किया, जिससे सितंबर 2025 में मुख्य मुद्रास्फीति 1.5% तक गिर गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सितंबर 2025 में भारत की मुख्य मुद्रास्फीति कितनी थी?
सितंबर 2025 में भारत की मुख्य मुद्रास्फीति 1.5% पर आ गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 का औसत 4.6% था। इसे भारत के लिए 8 वर्षों से अधिक समय में सबसे कम मुद्रास्फीति रीडिंग बताया गया।
GST दरों के युक्तिकरण ने मुद्रास्फीति घटाने में कैसे मदद की?
22 सितंबर 2025 से लागू GST दरों के युक्तिकरण ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बास्केट के 11.4% हिस्से को प्रभावित किया। आवश्यक वस्तुओं और घरेलू सामान पर कम GST दरों से उपभोक्ता कीमतें सीधे घटीं।
मानसून का इस मुद्रास्फीति गिरावट से क्या संबंध था?
अच्छी मानसूनी फसल से खाद्य कीमतों में नरमी आई। खाद्य एवं पेय पदार्थ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बास्केट का सबसे बड़ा घटक है, इसलिए खाद्य कीमतों में कमी का कुल मुद्रास्फीति पर बड़ा असर पड़ा।
इस समय RBI का नीतिगत रुख क्या था?
RBI ने रेपो दर 5.50% पर बनाए रखी और तटस्थ नीतिगत रुख अपनाया। तटस्थ रुख से आगे की आर्थिक स्थिति के अनुसार दर घटाने या स्थिर रखने की गुंजाइश रहती है।
परीक्षा में यह अपडेट क्यों महत्वपूर्ण है?
इस अपडेट से GST दरों, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, खाद्य कीमतों, रेपो दर और मौद्रिक नीति के बीच संबंध समझा जा सकता है। प्रीलिम्स में आंकड़े और कारण, जबकि मुख्य परीक्षा में मुद्रास्फीति नियंत्रण और नीति-समन्वय का विश्लेषण पूछा जा सकता है।