16 मार्च 2026 को भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस) मनाया गया। यह दिवस हर वर्ष 16 मार्च 1995 को शुरू हुए पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष इस ऐतिहासिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के 31 वर्ष पूरे हुए, जिसके परिणामस्वरूप विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो-मुक्त घोषित किया।

पल्स पोलियो कार्यक्रम WHO की 1988 की वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल के जवाब में शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (NIDs) पर मौखिक पोलियो वैक्सीन (OPV) दी गई। यह कार्यक्रम 2.3 लाख से अधिक बूथों, 1.5 लाख से अधिक पर्यवेक्षकों और हजारों सरकारी एवं स्वयंसेवी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के नेटवर्क से सफल रहा।

भारत का सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) — विश्व के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक — अब पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, रोटावायरस और न्यूमोकोकल रोग सहित 12 ऐसी बीमारियों के खिलाफ मुफ्त टीके उपलब्ध कराता है, जिनसे टीकाकरण द्वारा बचाव संभव है। 2026 के आयोजन में मिशन इंद्रधनुष के तहत कवरेज बढ़ाने और टीकाकरण को लेकर हिचकिचाहट समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राजस्थान के लिए महत्व: राजस्थान ऐतिहासिक रूप से खराब स्वच्छता और सघन आबादी के कारण पोलियो के उच्च जोखिम वाले राज्यों में था। आज मिशन इंद्रधनुष 4.0 के तहत बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और डूंगरपुर जैसे वंचित जिलों में UIP कवरेज में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।