रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 सितंबर को रक्षा खरीद मैनुअल 2025 (DPM 2025) को मंजूरी दी, जिसने 2009 के संस्करण की जगह ली। इसी मैनुअल के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वार्षिक रक्षा खरीद का प्रबंधन होता है। प्रमुख बदलावों में IIT और IISc के साथ सहयोग को बढ़ावा देने वाला नवाचार अध्याय, प्रोटोटाइप के बाद निर्धारित हर्जाने को 0.1% तक घटाना और 50 लाख रुपये तक की खरीद के लिए सीमित टेंडरिंग की अनुमति शामिल है।
राजनाथ सिंह ने रक्षा खरीद नियमावली 2025 को मंजूरी दी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 सितंबर को रक्षा खरीद मैनुअल 2025 (DPM 2025) को मंजूरी दी, जिसने 2009 के संस्करण की जगह ली। इस मैनुअल के तहत सालाना एक लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद का प्रबंधन होता है। प्रमुख परिवर्तनों में IIT और IISc के साथ सहयोग को बढ़ावा देने वाला नवाचार अध्याय, प्रोटोटाइप के बाद पूर्व-निर्धारित हर्जाना 0.1% तक घटाना और 50 लाख रुपये तक की खरीद के लिए सीमित टेंडरिंग की अनुमति शामिल है।
मुख्य तथ्य
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 सितंबर को DPM 2025 को मंजूरी दी।
- 1 लाख करोड़ की वार्षिक खरीद के लिए 2009 के मैनुअल की जगह ली।
- IIT और IISc के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नवाचार पर अलग अध्याय शामिल।
- प्रोटोटाइप विकास के बाद तय हर्जाना 0.1% तक घटाया गया।
- 50 लाख रुपये तक की खरीद के लिए सीमित टेंडरिंग की अनुमति दी गई।
- रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को मजबूती मिलती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
स्रोत: स्रोत विवरण उपलब्ध नहीं है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रक्षा खरीद मैनुअल 2025 क्या है और इसे किसने मंजूरी दी?
रक्षा खरीद मैनुअल 2025 (DPM 2025) भारत की रक्षा खरीद प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाला नया ढाँचा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 14 सितंबर को मंजूरी दी और इसने 2009 के संस्करण की जगह ली। इसी मैनुअल के तहत लगभग ₹1 लाख करोड़ की वार्षिक रक्षा खरीद संभाली जाती है।
DPM 2025 में नवाचार अध्याय का क्या महत्व है?
DPM 2025 में नवाचार पर अलग अध्याय शामिल है, जो रक्षा क्षेत्र और IIT व IISc जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। यह अध्याय आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी रक्षा नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास साझेदारियों को प्रोत्साहित करता है।
DPM 2025 में Liquidated Damages (LD) में क्या बदलाव किया गया?
DPM 2025 में प्रोटोटाइप विकास चरण के बाद पूर्वनिर्धारित हर्जाना घटाकर 0.1% कर दिया गया। इससे घरेलू रक्षा निर्माताओं और स्टार्ट-अप्स को सरकारी अनुबंधों में भाग लेने का प्रोत्साहन मिलता है, क्योंकि विकास चरण में मामूली देरी होने पर वित्तीय जोखिम कम हो जाता है।
सीमित टेंडरिंग क्या है और DPM 2025 में इसे किस राशि तक अनुमति दी गई है?
सीमित टेंडरिंग एक ऐसी खरीद पद्धति है जिसमें खुली प्रतिस्पर्धा की बजाय केवल पूर्व-चयनित विक्रेताओं से बोलियाँ आमंत्रित की जाती हैं। DPM 2025 के तहत 50 लाख रुपये तक की खरीद के लिए सीमित टेंडरिंग की अनुमति दी गई है, जिससे छोटी रक्षा खरीद की प्रक्रिया सरल हो जाती है।
DPM 2025 रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को कैसे मजबूत करता है?
DPM 2025 घरेलू निर्माण को बढ़ावा देकर, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के सहयोग को मजबूत करके तथा खरीद प्रक्रियाओं को सरल बनाकर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करता है। 2009 के मैनुअल की जगह यह नियमों को आधुनिक बनाता है, ताकि स्टार्ट-अप, MSME और अनुसंधान संस्थानों सहित घरेलू रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ मिल सके।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें