भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2 फरवरी 2026 को विदेशी मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप किया। केंद्रीय बजट पेश होने के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.9875 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से भी नीचे जाने के करीब था। केंद्रीय बैंक के डॉलर बेचने के बाद रुपया सुधरकर लगभग 91.60 पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार, RBI का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक था; आधिकारिक आँकड़ा 16 जनवरी 2026 को 701.4 अरब डॉलर था। इससे केंद्रीय बैंक के पास रुपये को संभालने की पर्याप्त गुंजाइश थी। यह हस्तक्षेप वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में GDP के 4.3% के बराबर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर बाज़ार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच हुआ।
बजट के बाद रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया; रुपया डॉलर के मुकाबले 91.60 पर पहुंचा
RBI ने बजट के बाद रुपये को ऐतिहासिक निचले स्तर से बचाने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।
मुख्य तथ्य
- RBI ने 2 फरवरी 2026 को विदेशी मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप किया, क्योंकि रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.9875 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब पहुँच गया था।
- RBI के डॉलर बेचने के बाद रुपया सुधरकर लगभग 91.60 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आ गया।
- 16 जनवरी 2026 को RBI का विदेशी मुद्रा भंडार 701.4 अरब डॉलर था।
- वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में GDP के 4.3% के बराबर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर बाज़ार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच यह हस्तक्षेप हुआ।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 डिजिटल रुपया (e ₹) क्या है? यह UPI से किस प्रकार भिन्न है? — यह प्रश्न भारतीय रिज़र्व बैंक के मौद्रिक उपकरणों से संबंधित है; यह लेख विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप और मुद्रा रक्षा उपायों पर चर्चा करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: बजट 2026 के बाद रुपये को स्थिर करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के हस्तक्षेप का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
2 फरवरी 2026 को बजट के बाद रुपया प्रति डॉलर 91.9875 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचा। तब भारतीय रिज़र्व बैंक ने डॉलर बेचकर इसे 91.60 तक संभाला। 16 जनवरी 2026 तक 701.4 अरब डॉलर का भंडार बड़ा सुरक्षा कवच था। 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे पर प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्रा-सुरक्षा को दिखाता है।
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भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह किस वर्ष से मनाया जा रहा है?
भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1982 से प्रतिवर्ष 1-7 सितंबर को मनाया जाता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बजट 2026 पेश होने के बाद RBI ने विदेशी मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप क्यों किया?
**RBI ने 2 फरवरी 2026** को केंद्रीय बजट पेश होने के बाद रुपये की गिरावट रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप किया। बजट में GDP के 4.3% के बराबर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर बाज़ार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले **91.9875 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर** से नीचे जाने के करीब था। RBI ने डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर किया।
फरवरी 2026 में RBI के हस्तक्षेप के बाद रुपया किस स्तर तक सुधरा?
**RBI के डॉलर बेचने** के बाद रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 91.9875 के करीब से सुधरकर **लगभग ₹91.60 प्रति अमेरिकी डॉलर** पर आ गया। इससे बाज़ार को भरोसा मिला कि केंद्रीय बैंक रुपये को स्थिर रखने के लिए कदम उठाने को तैयार है और उसके पास इसकी क्षमता भी है।
16 जनवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना था?
16 जनवरी 2026 को भारत का **विदेशी मुद्रा भंडार 701.4 अरब डॉलर** था, जिससे RBI के पास मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप करने की पर्याप्त क्षमता थी। इस बड़े भंडार के कारण केंद्रीय बैंक भंडार में बड़ी कमी किए बिना डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर कर सकता था।
बजट 2026-27 में GDP के 4.3% के बराबर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर बाज़ार की प्रतिक्रिया कैसी रही?
बजट 2026-27 में **GDP के 4.3% के बराबर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य** पर बाज़ार की **मिली-जुली प्रतिक्रिया** रही। कुछ निवेशकों ने वित्त वर्ष 2025-26 के 4.4% के संशोधित अनुमान से घाटा कम करने की राह जारी रहने का स्वागत किया, जबकि अन्य ₹17.2 लाख करोड़ की अधिक कुल उधारी को लेकर सतर्क रहे। इस अनिश्चितता से बजट के बाद रुपये पर शुरुआती दबाव बढ़ा।
RBI रुपये को सहारा देने के लिए विदेशी मुद्रा बाज़ार में कैसे हस्तक्षेप करता है?
RBI मुख्य रूप से **अपने विदेशी मुद्रा भंडार से अमेरिकी डॉलर बेचकर** रुपये को सहारा देता है। इससे बाज़ार में डॉलर की आपूर्ति बढ़ती है और डॉलर की माँग से रुपये पर पड़ने वाला दबाव घटता है। **16 जनवरी 2026 को 701.4 अरब डॉलर के भंडार** के कारण RBI के पास लंबे समय तक हस्तक्षेप करने की पर्याप्त क्षमता थी। इसका उद्देश्य किसी खास विनिमय दर को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकना है।
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