प्रकाशित: 29 जनवरी 2026ClearTaxअर्थव्यवस्था
आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें: बैंकों का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) अनुपात दशक के सबसे निचले स्तर पर; वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 8.7 लाख नई नौकरियाँ
29 जनवरी 2026 को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, भारत का बैंकिंग क्षेत्र कई दशकों की सबसे मज़बूत स्थिति में है। सितंबर 2025 में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) अनुपात घटकर 2.2% और शुद्ध NPA अनुपात 0.5% रह गया। बैंक ऋण की सालाना वृद्धि दर बढ़कर 14.5% हो गई, जो मज़बूत आर्थिक गतिविधि का संकेत है।
रोज़गार के मामले में, वित्त वर्ष 2026 की पहली और दूसरी तिमाही के बीच 8.7 लाख नई नौकरियाँ जुड़ीं और रोज़गार पाने वालों की कुल संख्या 56.2 करोड़ हो गई। मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारत 7.5% की वृद्धि दर हासिल कर सकता है। सेवा निर्यात 13.6% बढ़कर 387.6 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुँच गया। सर्वेक्षण ने वित्त वर्ष 2026 को 'गोल्डीलॉक्स स्थिति' बताया, जिसमें 7.4% की ऊँची वृद्धि दर के साथ अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान मुद्रास्फीति 1.7% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर रही।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारत के बैंकिंग क्षेत्र की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के बारे में क्या बताता है?
**आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26** के अनुसार भारत का बैंकिंग क्षेत्र कई दशकों की सबसे मज़बूत स्थिति में है। सितंबर 2025 में **सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) अनुपात घटकर 2.2%** हो गया, जबकि **शुद्ध NPA अनुपात केवल 0.5%** रह गया। बैंक ऋण की सालाना वृद्धि दर बढ़कर **14.5%** हो गई।
वित्त वर्ष 2026 की पहली और दूसरी तिमाही के बीच भारत में कितनी नई नौकरियाँ जुड़ीं?
वित्त वर्ष 2026 की पहली और दूसरी तिमाही के बीच **8.7 लाख नई नौकरियाँ** जुड़ीं, जिससे रोज़गार पाने वालों की कुल संख्या **56.2 करोड़** हो गई। मुख्य आर्थिक सलाहकार **डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन** ने कहा कि भारत **7.5% की वृद्धि दर** हासिल कर सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत का सेवा निर्यात कितना था?
वित्त वर्ष 2025 में भारत का **सेवा निर्यात 387.6 अरब अमेरिकी डॉलर** रहा, जो **13.6% की वृद्धि** के साथ अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है। **29 जनवरी 2026** को जारी सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2026 को 'गोल्डीलॉक्स स्थिति' बताया गया, जिसमें ऊँची वृद्धि (**7.4%**) और ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति (**1.7%**) का मेल है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बताई गई 'गोल्डीलॉक्स स्थिति' क्या है?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने वित्त वर्ष 2026 को '**गोल्डीलॉक्स स्थिति**' कहा है। यह ऐसी दुर्लभ आर्थिक स्थिति है, जिसमें **ऊँची वृद्धि (7.4%)** और **ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति (1.7%)** साथ-साथ रहती हैं। तेज़ आर्थिक विस्तार और कीमतों पर सीमित दबाव का यह मेल भारत के लिए अनुकूल आर्थिक परिस्थितियाँ बनाता है।
भारत का शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात क्या है और इससे बैंकों की स्थिति के बारे में क्या पता चलता है?
सितंबर 2025 तक भारत का **शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) अनुपात 0.5%** था। यह बेहद कम स्तर बैंकों की बहुत मज़बूत बैलेंस शीट का संकेत है। **सकल NPA अनुपात 2.2%** के साथ ये अनुपात एक दशक से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर हैं। इससे पता चलता है कि **दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC)** तथा बेहतर ऋण निगरानी ने तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रभावी निपटारे में मदद की है।