भारत और दक्षिण कोरिया ने 15 अक्टूबर 2025 के आसपास दक्षिण कोरिया के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पर अपना पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास पूरा किया। यह इंडो-पैसिफिक समुद्री सहयोग में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। इसके साथ ही भारतीय नौसेना ने ऑस्ट्रेलिया के साथ AUSTRAHIND 2025 और रूस के साथ INDRA 2025 भी आरंभ किया, जो भारत की कई दिशाओं में फैली रक्षा साझेदारियों को दर्शाता है। भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 MKI, जगुआर, AWACS और AEW&C विमानों ने हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल नेवी के F-35B के साथ संयुक्त अभ्यास में भाग लिया। ये अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट नीति, QUAD प्रतिबद्धताओं और स्वतंत्र एवं खुले इंडो-पैसिफिक के लक्ष्य को प्रतिबिंबित करते हैं।
भारत और दक्षिण कोरिया ने बुसान में पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास किया
भारत और दक्षिण कोरिया ने 15 अक्टूबर 2025 के आसपास बुसान नौसैनिक बंदरगाह, दक्षिण कोरिया में अपना पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास पूरा किया — यह इंडो-पैसिफिक समुद्री सहयोग में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। साथ ही भारतीय नौसेना ने ऑस्ट्रेलिया के साथ AUSTRAHIND 2025 और रूस के साथ INDRA 2025 भी आरंभ किया, जो भारत की बहु-दिशात्मक रक्षा साझेदारियों को दर्शाता है। भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 MKI, जगुआर, AWACS और AEW&C विमानों ने हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल नेवी के F-35B के साथ संयुक्त अभ्यास में भाग लिया। ये अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट नीति, QUAD प्रतिबद्धताओं और स्वतंत्र एवं खुले इंडो-पैसिफिक के लक्ष्य को प्रतिबिंबित करते हैं।
मुख्य तथ्य
- भारत और दक्षिण कोरिया ने अक्टूबर 2025 में बुसान में पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास किया।
- भारत ने साथ ही ऑस्ट्रेलिया के साथ AUSTRAHIND 2025 और रूस के साथ INDRA 2025 भी आयोजित किए।
- IAF के सुखोई-30 MKI और AWACS ने हिंद महासागर में रॉयल नेवी के F-35B के साथ संयुक्त अभ्यास किया।
- ये अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट नीति और QUAD प्रतिबद्धताओं को दर्शाते हैं।
- भारत की कई दिशाओं में फैली रक्षा कूटनीति में दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस और ब्रिटेन शामिल हैं।
- बुसान अभ्यास इंडो-पैसिफिक समुद्री सहयोग में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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14 अक्टूबर 2025 को हिंद महासागर क्षेत्र में Royal Navy के F-35B विमानों के साथ हुए संयुक्त अभ्यास में भारतीय वायु सेना के किन विमानों ने भाग लिया?
14 अक्टूबर 2025 को भारतीय वायु सेना के Sukhoi-30 MKI, Jaguar, AWACS और AEW&C विमानों ने HMS Prince of Wales से संचालित Royal Navy के F-35B विमानों के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में संयुक्त अभ्यास किया। यह अभ्यास समुद्री-हवाई वातावरण में दोनों सेनाओं की पारस्परिक संचालन क्षमता को परखने के लिए था।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्टूबर 2025 में बुसान में हुए भारत-दक्षिण कोरिया नौसैनिक अभ्यास का ऐतिहासिक महत्व क्या था?
अक्टूबर 2025 में बुसान नौसैनिक बंदरगाह पर हुआ यह अभ्यास भारत और दक्षिण कोरिया के बीच पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास था — यह इंडो-पैसिफिक समुद्री सहयोग में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत गहरे होते रक्षा संबंधों को दर्शाता है।
अक्टूबर 2025 के आसपास भारत ने किन अन्य नौसैनिक अभ्यासों में एक साथ भाग लिया?
भारत-दक्षिण कोरिया अभ्यास के साथ-साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ AUSTRAHIND 2025 और रूस के साथ INDRA 2025 भी आयोजित किया, जो अलग-अलग भू-राजनीतिक खेमों के साथ भारत की बहु-दिशात्मक रक्षा साझेदारियों को दिखाता है।
रॉयल नेवी के F-35B के साथ संयुक्त अभ्यास में भारतीय वायुसेना की कौन सी संपत्तियाँ शामिल थीं?
हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल नेवी के F-35B के साथ संयुक्त अभ्यास में IAF के सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान, जगुआर समुद्री हमलावर विमान, AWACS और AEW&C विमानों ने भाग लिया।
ये अभ्यास इंडो-पैसिफिक में भारत की रणनीतिक स्थिति को कैसे दर्शाते हैं?
ये अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट नीति और QUAD प्रतिबद्धताओं को दिखाते हैं तथा स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक में भारत की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित करते हैं। दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस और ब्रिटेन के साथ समानांतर जुड़ाव भारत की गुटनिरपेक्ष, बहु-दिशात्मक रक्षा कूटनीति को भी दर्शाता है।
बुसान अभ्यास का भारत-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय संबंधों के लिए क्या महत्व है?
पहला बुसान नौसैनिक अभ्यास भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा और रणनीतिक साझेदारी के गहरे होते संबंधों का संकेत है। दक्षिण कोरिया इंडो-पैसिफिक में एक प्रमुख भागीदार है और यह अभ्यास क्षेत्र में भारत के पारंपरिक साझेदारों से आगे बढ़कर सेनाओं के बीच संपर्क के विस्तार को दर्शाता है।
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