भारत की राष्ट्रीय धरोहर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष 19 अक्टूबर को रूस के कल्मीकिया में एक सप्ताह की प्रदर्शनी (11-18 अक्टूबर) के बाद लौटे। अवशेषों को गेडेन शेड्दुप चोइकोरलिंग मठ ('शाक्यमुनि बुद्ध का स्वर्ण निवास') में स्थापित किया गया था, जहां 90,000 से अधिक भक्तों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया, जिन्होंने इसे 'भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों में एक मील का पत्थर' बताया। यह रूसी गणराज्य में इस प्रकार की पहली प्रदर्शनी थी।
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष रूस से भारत लौटे
बुद्ध अवशेष 20 अक्टूबर को रूस के कल्मीकिया में प्रदर्शनी के बाद भारत लौटे; J&K LG मनोज सिन्हा ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
मुख्य तथ्य
- भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष रूस के काल्मिकिया में एक सप्ताह तक जन-दर्शन के लिए रखे जाने (11-18 अक्टूबर) के बाद 20 अक्टूबर को भारत वापस लाए गए
- अवशेषों को गेडेन शेड्डुप चोइकोर्लिंग मठ (शाक्यमुनि बुद्ध का स्वर्ण मठ) में स्थापित किया गया, जहाँ 90,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
- भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया
- इस आयोजन ने लद्दाख के 19वें कुशोक बकुला रिनपोचे की विरासत को फिर से सामने लाया
- रूसी गणराज्य में यह इस तरह का पहला आयोजन था
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भगवान बुद्ध के अवशेषों की रूस से वापसी का क्या महत्व है?
उत्तर (50 शब्द):
राष्ट्रीय धरोहर के रूप में महत्त्वपूर्ण ये अवशेष काल्मीकिया के गेदेन शेड्डुप चोइकोरलिंग मठ में प्रदर्शनी के बाद 20 अक्टूबर को लौटे, जहां 90,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों का मील का पत्थर बताया, जो कुशोक बकुला रिनपोचे की विरासत को पुनर्जीवित करता है।
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फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान किस देश में तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित किया गया?
मलेशिया में तिरुवल्लुवर केंद्र तमिल भाषा के संवर्धन के लिए स्थापित किया गया।
स्रोत: ANI
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष रूस से भारत कब वापस आए?
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष **19 अक्टूबर 2025** को भारत वापस लौटे। ये अवशेष **11-18 अक्टूबर 2025** तक रूस के **कल्मिकिया** में प्रदर्शित किए गए थे, जहां 90,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
रूस में बुद्ध के अवशेष किस मठ में स्थापित किए गए थे?
बुद्ध के पवित्र अवशेष **गेडेन शेड्डुप चोइकोरलिंग मठ** ('शाक्यमुनि बुद्ध का सुनहरा आश्रय') में स्थापित किए गए थे, जो रूस के कल्मिकिया गणराज्य में स्थित है।
रूस में बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व **जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा** ने किया। उन्होंने इस आयोजन को 'भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों में एक मील का पत्थर' बताया।
कल्मिकिया में बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी का क्या महत्व है?
कल्मिकिया **यूरोप का एकमात्र बौद्ध बहुल गणराज्य** है। इस प्रदर्शनी से **कुशोक बकुला रिनपोछे** की विरासत फिर से सामने आती है, जिन्होंने भारत-रूस बौद्ध संबंधों की नींव रखी थी।
भारत में बुद्ध के अवशेषों को क्या दर्जा प्राप्त है?
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को भारत की **राष्ट्रीय धरोहर** माना जाता है। इन्हें रूस में प्रदर्शनी के लिए विशेष अनुमति से भेजा गया था।
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