AI प्रभाव पर नई दिल्ली घोषणा, 16-21 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में 19 फरवरी 2026 को अपनाया गया प्रमुख वैश्विक दस्तावेज है। इसे 92 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन दिया। घोषणा का केंद्रीय विचार यह है कि AI के लाभ पूरी मानवता में समान रूप से साझा होने चाहिए और AI शासन में सहयोग, भरोसा, लचीलापन, दक्षता और समावेशन को साथ लेकर चलना चाहिए।

यह घोषणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सरकारी विज्ञान-प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों और कंप्यूटर व सूचना-संचार प्रौद्योगिकी जैसे विषयों से सीधे जुड़ी है। प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा में इसे AI शासन, संप्रभु कंप्यूट क्षमता और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे बिंदुओं से भी जोड़ा जा सकता है। घोषणा सात स्तंभों पर आधारित है: AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई, सुरक्षित और भरोसेमंद AI, विज्ञान में AI, सामाजिक सशक्तीकरण के लिए पहुंच, मानव पूंजी विकास, और लचीले, कुशल और नवोन्मेषी AI सिस्टम। ये बिंदु प्रीलिम्स में कथन-आधारित प्रश्नों और मुख्य परीक्षा में तकनीकी शासन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और समावेशी विकास के उत्तरों में उपयोगी हैं।

शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में AI वैल्यू चेन में 250 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अपेक्षित निवेश, भारत की संप्रभु कंप्यूट क्षमता में 20,000 अतिरिक्त जीपीयू जोड़ने की घोषणा, 13 प्रमुख मॉडल प्रदाताओं द्वारा नई दिल्ली फ्रंटियर AI इम्पैक्ट कमिटमेंट्स पर हस्ताक्षर, और ग्लोबल AI इम्पैक्ट कॉमन्स की शुरुआत शामिल हैं। इस कॉमन्स में 30 से अधिक देशों के AI प्रभाव से जुड़े 80 से अधिक उदाहरण शामिल किए गए।

भारत ने 24 घंटे में AI जिम्मेदारी अभियान के लिए 2.5 लाख से अधिक सत्यापित संकल्पों के साथ गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। शिखर सम्मेलन में लगभग 6 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए और लाइव वर्चुअल स्ट्रीमिंग पर 9 लाख से अधिक कुल व्यूज़ मिले। इसलिए यह घोषणा केवल तकनीकी घटना नहीं है; यह वैश्विक AI शासन, भारत की डिजिटल क्षमता और विकासशील देशों की भागीदारी से जुड़ा समसामयिकी मुद्दा है।