राजस्थान PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। जोधपुर DISCOM की घटक-A एवं घटक-C के तहत संयुक्त सौर क्षमता 2025 के अंत में 2,001 MW पार हो गई। घटक-A स्थापनाओं में राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर 463 MW से अधिक के साथ अव्वल है। इस योजना में किसानों के लिए सौर पंप (घटक-B) एवं बंजर/कृषि भूमि पर विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र (घटक-A व C) शामिल हैं। राजस्थान की PM-KUSUM के तहत कुल सौर क्षमता लगभग 2,629 MW हो गई है — दो वर्षों में दोगुनी। राष्ट्रीय स्तर पर PM-KUSUM के तहत 35,000 MW लक्ष्य के विरुद्ध 9,466 MW प्राप्त हुई है।
राजस्थान PM-KUSUM सौर स्थापनाओं में अग्रणी — जोधपुर DISCOM ने योजना के तहत 2,000 MW पार किया
राजस्थान PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। जोधपुर DISCOM की घटक-A एवं घटक-C के तहत संयुक्त सौर क्षमता 2025 के अंत में 2,001 MW पार हो गई। घटक-A में स्थापित क्षमता के मामले में राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर 463 MW से अधिक के साथ अव्वल है। इस योजना में किसानों के लिए सौर पंप (घटक-B) एवं बंजर और कृषि भूमि पर विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र (घटक-A व C) शामिल हैं। राजस्थान की PM-KUSUM के तहत कुल सौर क्षमता लगभग 2,629 MW हो गई है — दो वर्षों में दोगुनी। राष्ट्रीय स्तर पर PM-KUSUM के तहत 35,000 MW लक्ष्य के विरुद्ध 9,466 MW प्राप्त हुई है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान PM-KUSUM के तहत सौर संयंत्रों में भारत में अग्रणी है; जोधपुर DISCOM ने 2,000 MW का आंकड़ा पार किया।
- घटक-A के तहत स्थापित परियोजनाओं में राजस्थान 463 MW से अधिक सौर क्षमता के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर है।
- राज्य की कुल PM-KUSUM सौर क्षमता लगभग 2,629 MW हो गई — दो वर्षों में दोगुनी।
- PM-KUSUM में किसानों के लिए सौर पंप और बंजर भूमि पर विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र शामिल हैं।
- राष्ट्रीय स्तर पर PM-KUSUM में 35,000 MW लक्ष्य के विरुद्ध 9,466 MW क्षमता हासिल हुई है।
- यह योजना किसानों की डीजल लागत घटाने और DISCOMs को अतिरिक्त बिजली बेचकर आय बढ़ाने में सहायक है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
लगभग 35,000 मेगावाट के लक्ष्य के मुकाबले अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय पीएम-कुसुम की उपलब्धि कितनी रिपोर्ट की गई?
राष्ट्रीय स्तर पर, पीएम-कुसुम ने लगभग 35,000 मेगावाट के लक्ष्य की तुलना में 9,466 मेगावाट हासिल किया है। राजस्थान में पीएम-कुसुम के तहत कुल सौर क्षमता लगभग 2,629 मेगावाट तक बढ़ गई है; यह दो वर्षों में दोगुनी हो गई और इससे हज़ारों किसानों को लाभ मिला।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM-KUSUM क्या है और इसके तीन मुख्य घटक कौन-से हैं?
PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) किसानों की आय बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की केंद्रीय योजना है। घटक-A: बंजर/कृषि भूमि पर विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र जो DISCOMs को बिजली देते हैं; घटक-B: डीजल पंप की जगह स्टैंडअलोन सौर पंप; घटक-C: मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सौरीकरण।
PM-KUSUM के तहत राजस्थान ने कौन-सा मील का पत्थर हासिल किया?
जोधपुर DISCOM की PM-KUSUM घटक-A और घटक-C के तहत संयुक्त सौर क्षमता 2025 के अंत में 2,001 MW से अधिक हो गई, जिससे राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बन गया। राजस्थान घटक-A स्थापनाओं में भी 463 MW से अधिक के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर है। राज्य की कुल PM-KUSUM क्षमता लगभग 2,629 MW हो गई — दो वर्षों में दोगुनी।
कुल लक्ष्य की तुलना में PM-KUSUM की राष्ट्रीय प्रगति क्या है?
राष्ट्रीय स्तर पर PM-KUSUM में लगभग 35,000 MW के लक्ष्य में से 9,466 MW क्षमता हासिल हो चुकी है। इसमें राजस्थान का बड़ा योगदान है, जो विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा में राज्य की अग्रणी भूमिका दर्शाता है।
PM-KUSUM किसानों को सीधे कैसे लाभान्वित करता है?
PM-KUSUM किसानों को दो तरह से लाभ देता है: (1) डीजल पंप की जगह सौर पंप लगाकर ईंधन खर्च कम करके; और (2) घटक-A के संयंत्रों से उत्पन्न अतिरिक्त सौर बिजली DISCOMs को बेचकर आय अर्जित करने का अवसर देकर, जिससे बंजर जमीन भी आमदनी का स्रोत बन जाती है।
PM-KUSUM कार्यान्वयन के लिए राजस्थान विशेष रूप से उपयुक्त क्यों है?
राजस्थान में देश की सर्वाधिक सौर विकिरण क्षमता है, सौर संयंत्र लगाने के लिए बड़ी मात्रा में बंजर और अर्ध-शुष्क भूमि उपलब्ध है, और बड़ी कृषक आबादी सिंचाई पंपों पर निर्भर है। इन्हीं कारणों से राज्य घटक-A और घटक-C के तहत बड़े पैमाने पर PM-KUSUM लागू करने के लिए उपयुक्त है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें