29 जनवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जो केंद्रीय बजट से एक दिन पहले प्रस्तुत किया गया। सर्वेक्षण के अनुसार 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान है — जो 2024-25 के 6.5% से अधिक है — और इस वृद्धि को उपभोग तथा निवेश, दोनों से बल मिला है। निजी अंतिम उपभोग व्यय GDP का 61.5% हो गया, जो 2011-12 के बाद सर्वाधिक है।

खुदरा मुद्रास्फीति 2024-25 के 4.6% से घटकर 2025-26 के अप्रैल–दिसंबर में मात्र 1.7% रह गई। भारत का चालू खाता घाटा (CAD) 2025-26 की पहली छमाही में GDP का 0.8% रहा, जो पिछले वर्ष 1.3% था। 2026-27 में वास्तविक GDP वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।

सर्वेक्षण ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की समष्टि-आर्थिक मजबूती को रेखांकित किया है। विनियमन में सुधार, कौशल विकास और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को उच्च विकास बनाए रखने के प्रमुख उपाय के रूप में चिन्हित किया गया।