14वें BIRAC स्थापना दिवस (19–20 मार्च 2026) पर जारी इंडिया बायोइकोनॉमी रिपोर्ट (IBER) 2026 के अनुसार, 2025 में भारत की बायोइकोनॉमी 18% बढ़कर $195.3 अरब हो गई — यह अब तक की सर्वाधिक वार्षिक वृद्धि दर है — और राष्ट्रीय GDP में लगभग 5% का योगदान देती है। यह क्षेत्र 2014 के मात्र $10 अरब से बढ़कर 2025 में $195.3 अरब हो गया, जो एक दशक में लगभग 20 गुना वृद्धि है।

बायोइंडस्ट्रियल खंड सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा, जिसका आकार $90.2 अरब है। भारत वैश्विक जेनेरिक दवाओं का लगभग 20% और दुनिया के 60% से अधिक टीकों की आपूर्ति करता है। ABLE द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में 2033 तक $300 अरब का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की BioE3 नीति (जैव प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए) और BIRAC के ज़रिए बढ़ी R&D फंडिंग इसके प्रमुख कारण रहे हैं। राजस्थान में शुष्क क्षेत्र के किसानों के लिए जैव-कृषि खंड में उल्लेखनीय संभावनाएं हैं।