सीपी राधाकृष्णन 9 सितंबर 2025 को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उन्होंने न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी को 452 मतों के मुकाबले 300 मतों से, यानी 152 मतों के अंतर से हराया और संसद सदस्यों में मतदान लगभग 98% रहा। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह अपडेट प्रीलिम्स के लिए खास है, क्योंकि इसमें हाल की राजनीतिक घटना संवैधानिक पदों वाले स्टैटिक पॉलिटी विषय से जुड़ती है।
राधाकृष्णन तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और कोयंबटूर से पूर्व सांसद रह चुके हैं। वे पहले तेलंगाना और झारखंड के राज्यपाल रहे तथा महाराष्ट्र के कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में भी काम कर चुके हैं। इस पृष्ठभूमि से प्रश्न तीन स्तरों पर पूछे जा सकते हैं — व्यक्ति, पद और संवैधानिक भूमिका।
स्टैटिक जीके के लिहाज़ से उपराष्ट्रपति का चुनाव अनुच्छेद 66 से जुड़ता है। उपराष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल से चुने जाते हैं। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं; यह भूमिका अनुच्छेद 64 से संबंधित है। इसलिए परीक्षा में केवल नाम याद रखना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार को चुनाव की प्रक्रिया, निर्वाचक मंडल की संरचना, राज्यसभा से संबंध और हाल की जीत की मत-गणना साथ में याद रखनी चाहिए।
प्रीलिम्स में संभावित प्रश्न 15वें उपराष्ट्रपति, प्रतिद्वंद्वी, मत-गणना, अनुच्छेद 64/66 और राज्यसभा की पदेन अध्यक्षता पर बन सकते हैं।
