जनवरी 2026 के अंत में भारी हिमपात के बाद जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग पर्यटन स्थल पर बड़े हिमस्खलन हुए, जिससे कई इमारतें और वाहन दब गए तथा सामान्य जीवन बुरी तरह बाधित हुआ। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) और अन्य मार्ग उसी हिमपात और खराब मौसम के दौरान प्रभावित हुए, लेकिन उपलब्ध प्रमाण यह साबित नहीं करते कि वे विशेष रूप से हिमस्खलन के मलबे के कारण कई दिनों तक बंद रहे। श्रीनगर से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं क्योंकि हिमपात से दृश्यता घटी और रनवे की स्थिति प्रभावित हुई। भारतीय सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने राहत एवं बचाव अभियान चलाए। गंदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है तथा ऊँचाई वाले ट्रेक और ज़ोजी ला दर्रे का प्रवेशद्वार है। यह घटना दिखाती है कि ऊँचाई वाली बस्तियाँ और परिवहन अवसंरचना चरम मौसम घटनाओं के प्रति कितनी संवेदनशील हैं; साथ ही यह आपदा प्रबंधन, भारत की सीमावर्ती अवसंरचना और मानवीय सहायता में केंद्रीय बलों की भूमिका के महत्व को भी रेखांकित करती है। रक्षा मंत्रालय के अधीन BRO अपने प्रोजेक्ट बीकन से बर्फ से ढके क्षेत्रों में सड़क संपर्क बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह घटना ज़ोजी ला सुरंग परियोजना के महत्व को भी रेखांकित करती है, जो पूर्ण होने पर लद्दाख और कश्मीर घाटी को हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करेगी।