24 फरवरी 2026 को राजस्थान कैबिनेट की उसी बैठक में एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय (RRIED) का गठन किया गया। यह नया निकाय पूर्ववर्ती राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय (SRID) का स्थान लेगा।
RRIED को स्पष्ट और विस्तृत कार्यक्षेत्र के साथ गठित किया गया है। इसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में आर्थिक अपराधों, कर-अपवंचन, वित्तीय धोखाधड़ी और अवैध व्यापार की जांच और उन पर कार्रवाई करना शामिल है। निदेशालय प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) और GST आसूचना विंग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करेगा।
पूर्व निदेशालय का उन्नयन और पुनर्नामकरण यह दर्शाता है कि राज्य सरकार ने माना है कि आर्थिक अपराध अधिक जटिल और बड़े पैमाने पर हो गए हैं। खनन, रियल एस्टेट, बालू और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में कर चोरी राजस्थान के राजस्व प्रशासन के लिए एक स्थायी चुनौती रही है।
RRIED आंकड़ा विश्लेषण और विभागीय समन्वय के जरिए आसूचना-आधारित अभियान चलाएगा। यह वाणिज्यिक कर विभाग, खनन विभाग और राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के साथ मिलकर काम करेगा।
RRIED का गठन राजस्थान की राजकोषीय शासन संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राजस्व रिसाव रोकने, वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाने और व्यापारिक अनुपालन सुधारने में मदद मिलेगी।
