20 अप्रैल 2026 को कोरिया एयरोस्पेस प्रशासन (केएएसए) और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने गणराज्य कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत राजकीय यात्रा के अवसर पर बेंगलुरु में पहला भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस मिलकर आयोजित किया। यह आयोजन पिछले वर्ष केएएसए और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अगले कदम के रूप में किया गया। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष उद्योग में सहयोग को केवल आदान-प्रदान तक सीमित न रखकर वाणिज्यीकरण तक ले जाना था, जिसमें प्रौद्योगिकी निर्यात और संयुक्त विकास पर स्पष्ट जोर था। कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और इनोस्पेस सहित नौ कोरियाई कंपनियों ने नौ भारतीय कंपनियों के साथ अपनी प्रमुख क्षमताओं पर प्रस्तुतियाँ दीं, जबकि 80 से अधिक भारतीय कंपनियों ने पहले से भाग लेने के लिए आवेदन किया था। इससे कोरियाई अंतरिक्ष फर्मों के साथ साझेदारी के अवसरों के लिए मजबूत स्थानीय माँग का संकेत मिलता है। दोनों पक्षों ने प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रह घटकों, नोदन, भू-स्टेशनों और पृथ्वी-अवलोकन से जुड़े डाउनस्ट्रीम विश्लेषण में ठोस परियोजनाएँ तय करने के लिए इसरो और केएएसए के बीच एक संयुक्त कार्यकारी समूह को भी औपचारिक रूप दिया। यह समूह भारत के निम्न-लागत प्रक्षेपण पारितंत्र और कोरिया की परिशुद्ध-इंजीनियरी तथा घटक क्षमताओं का लाभ उठाएगा। बेंगलुरु का यह आयोजन भारत अंतरिक्ष नीति 2023, स्काईरूट, अग्निकुल और पिक्ज़ल जैसी फर्मों के ज़रिए स्वदेशी निजी प्रक्षेपण और तारामंडल पाइपलाइन, तथा 2033 तक 44 अरब अमरीकी डॉलर की भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बनाने के मोदी सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। इससे कोरियाई उद्योग को भारतीय निर्माण, एकीकरण और परीक्षण क्षमता तक पहुँच भी मिलती है तथा यह उसी दिन दिल्ली में अंगीकृत व्यापक संयुक्त सामरिक दृष्टि 2026-2030 का पूरक है।
कोरिया एयरोस्पेस प्रशासन और इन-स्पेस ने 20 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस का संयुक्त आयोजन किया; राष्ट्रपति ली की यात्रा के दौरान नौ कोरियाई और नौ भारतीय कंपनियों ने संयुक्त कार्यकारी समूह के परिणाम प्रदर्शित किए
20 अप्रैल 2026 को केएएसए और इन-स्पेस ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की यात्रा के अवसर पर बेंगलुरु में पहला भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस मिलकर आयोजित किया। केएआई और इनोस्पेस की अगुआई में नौ कोरियाई और नौ भारतीय फर्मों ने अपनी क्षमताएँ प्रस्तुत कीं, 80 से अधिक भारतीय कंपनियों ने भागीदारी में रुचि दिखाई, जबकि इसरो और केएएसए ने प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रहों और पृथ्वी अवलोकन से जुड़ी परियोजनाएँ तय करने के लिए संयुक्त कार्यकारी समूह को औपचारिक रूप दिया।
मुख्य तथ्य
- 20 अप्रैल 2026 को कोरिया एयरोस्पेस प्रशासन (केएएसए) एवं इन-स्पेस ने बेंगलुरु में पहला भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस सह-आयोजित किया।
- यह आयोजन गणराज्य कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत राजकीय यात्रा के साथ संयोग से हुआ।
- यह 2025 में हस्ताक्षरित केएएसए-इसरो समझौता ज्ञापन का अनुवर्ती था तथा सहयोग को आदान-प्रदान से आगे बढ़ाकर वाणिज्यीकरण तक ले जाने का लक्ष्य रखता था।
- कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं इनोस्पेस सहित नौ कोरियाई फर्मों ने नौ भारतीय कंपनियों के साथ मुख्य प्रस्तुतियाँ दीं।
- 80 से अधिक भारतीय कंपनियों ने पहले से भाग लेने हेतु आवेदन किया, जो कोरियाई अंतरिक्ष फर्मों के साथ साझेदारी के अवसरों के लिए मजबूत माँग का संकेत है।
- इसरो एवं केएएसए ने प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रह घटकों, नोदन, भू-स्टेशनों एवं पृथ्वी अवलोकन विश्लेषिकी में परियोजनाओं को निर्धारित करने हेतु संयुक्त कार्यकारी समूह को औपचारिक रूप दिया।
- यह आयोजन भारत अंतरिक्ष नीति 2023 तथा 2033 तक 44 अरब अमरीकी डॉलर की भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बनाने के मोदी सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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20 अप्रैल 2026 को आयोजित भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस के बारे में निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह आयोजन बेंगलुरु में कोरिया एयरोस्पेस प्रशासन यानी कासा और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र यानी इन-स्पेस ने संयुक्त रूप से किया। 2. उसी दिन इसरो और कासा ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी स्तर पर सहयोग की संभावनाएँ तलाशने के लिए संयुक्त कार्य समूह को औपचारिक रूप दिया। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा कथन या कौन-से कथन सही हैं?
दोनों कथन सही हैं। पहला भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस 20 अप्रैल 2026 को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की राजकीय यात्रा के अवसर पर बेंगलुरु में केएएसए एवं इन-स्पेस द्वारा सह-आयोजित किया गया, और इसरो तथा केएएसए ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी स्तर पर सहयोग के अवसर तलाशने के लिए संयुक्त कार्यकारी समूह को औपचारिक रूप दिया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
20 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस का सह-आयोजन किन दो एजेंसियों ने किया?
कोरिया एयरोस्पेस प्रशासन (केएएसए) तथा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस)।
20 अप्रैल 2026 को औपचारिक रूप दिए गए नये इसरो-केएएसए संयुक्त कार्यकारी समूह का केंद्र क्या है?
प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रह उपकरणों, प्रणोदन, भू-स्टेशनों और पृथ्वी-अवलोकन के आगे के डेटा-विश्लेषण में ठोस परियोजनाओं की पहचान करना।
भारत-कोरिया अंतरिक्ष दिवस में कितनी कोरियाई एवं भारतीय कंपनियों ने अपनी क्षमताएँ प्रस्तुत कीं?
नौ कोरियाई फर्मों (कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं इनोस्पेस सहित) और नौ भारतीय फर्मों ने भाग लिया, जबकि 80 से अधिक अतिरिक्त भारतीय कंपनियों ने भाग लेने के लिए आवेदन किया।
बेंगलुरु का आयोजन भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के किस आकार के लक्ष्य के अनुरूप है?
2033 तक 44 अरब अमरीकी डॉलर; यह भारत अंतरिक्ष नीति 2023, स्वदेशी निजी प्रक्षेपण और तारामंडल पाइपलाइन के अनुरूप है।
उसी दिन दिल्ली में अपनाए गए किस व्यापक द्विपक्षीय समझौते का बेंगलुरु अंतरिक्ष दिवस पूरक है?
प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति ली जे म्युंग द्वारा 20 अप्रैल 2026 को अपनाई गई भारत-गणराज्य कोरिया संयुक्त सामरिक दृष्टि 2026-2030।
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