28 जनवरी 2026 की इस समसामयिकी में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और झारखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के बीच 5 वर्षीय समझौता ज्ञापन महत्वपूर्ण है। इसका लक्ष्य गंभीर रूप से संकटग्रस्त गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण को मजबूत करना है। समझौता ज्ञापन का केंद्र ओरिएंटल व्हाइट-बैक्ड गिद्ध और लंबी चोंच वाला गिद्ध हैं, जिनके लिए वैज्ञानिक प्रजनन, निगरानी और संरक्षण जैसी गतिविधियों पर काम किया जाएगा।

परीक्षा की दृष्टि से यह विषय पर्यावरण और पारिस्थितिकी, संरक्षण संस्थाओं, वन्यजीव प्रशासन और समसामयिकी को जोड़ता है। झारखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की भूमिका बताती है कि राज्य स्तर का वन्यजीव प्रशासन संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में प्रत्यक्ष भागीदार होता है। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी जैसी संरक्षण संस्था का जुड़ना वैज्ञानिक आधार, निगरानी और प्रजनन से जुड़े काम को मजबूत करने की दिशा में संकेत देता है। यहां संस्था, राज्य पदाधिकारी, अवधि, लक्षित प्रजातियां और संरक्षण गतिविधियां पांच अलग-अलग याद रखने योग्य बिंदु बनाते हैं।

RAS और UPSC शैली की प्रारंभिक परीक्षा में इससे संस्था-राज्य जोड़ी, समझौता ज्ञापन की अवधि, लक्षित प्रजातियां और संरक्षण गतिविधियां पूछी जा सकती हैं। मुख्य परीक्षा के लिए इसका उपयोग जैव विविधता संरक्षण, राज्य सरकारों की भूमिका और विज्ञान-आधारित वन्यजीव प्रबंधन के उदाहरण के रूप में किया जा सकता है। स्टैटिक जीके से लिंक बनाते समय गिद्ध संरक्षण को पारिस्थितिकी तंत्र, विलुप्तप्राय प्रजातियों और पर्यावरणीय बदलावों के व्यापक विषय में रखें। उत्तर लिखते समय बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, झारखंड का वन्यजीव प्रशासन, 5 वर्षीय समझौता ज्ञापन, और ओरिएंटल व्हाइट-बैक्ड तथा लंबी चोंच वाले गिद्धों के संरक्षण को एक साथ जोड़कर लिखना उपयोगी रहेगा।