भारत की केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना, राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना के तहत पहली परियोजना है। इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन इसे लेकर पर्यावरणीय चिंताएँ उठ रही हैं। परियोजना में 77 मीटर का दौधन बांध और 221 किमी नहर शामिल है, जिससे 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई और 62 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पर्यावरणीय चिंताओं में पन्ना टाइगर रिजर्व के 98 वर्ग किमी क्षेत्र का जलमग्न होना, 23 लाख पेड़ों का नुकसान, और IIT-बॉम्बे के शोध में बताया गया यह निष्कर्ष शामिल है कि नदी जोड़ से 12% तक वर्षा में कमी हो सकती है। परियोजना लागत 44,605 करोड़ रुपये है।
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना: पन्ना टाइगर रिजर्व को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना पर चिंताएं: पन्ना टाइगर रिजर्व का 98 वर्ग किमी क्षेत्र जलमग्न, 23 लाख पेड़ नष्ट, 12% वर्षा में कमी संभव।
मुख्य तथ्य
- केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना के तहत भारत की पहली परियोजना है, जिसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- इस परियोजना में 77 मीटर ऊंचा दौधन बांध और 221 किलोमीटर लंबी नहर शामिल है; इसी नहर में 2 किलोमीटर लंबी सुरंग भी है। इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई में मदद मिलेगी।
- पर्यावरणीय चिंताएं: पन्ना बाघ अभयारण्य के 98 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का जलमग्न होना, बाघों और घड़ियालों के लिए खतरा, 23 लाख पेड़ों का नुकसान।
- IIT-बॉम्बे के शोध से पता चलता है कि नदियों को आपस में जोड़ना सूखे को बढ़ा सकता है, जिससे वर्षा में 12% तक कमी हो सकती है।
- परियोजना की लागत ₹ 44,605 करोड़ है; इससे 62 लाख लोगों को पेयजल मिलेगा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के उद्देश्यों एवं पर्यावरणीय चिंताओं पर चर्चा कीजिए, तथा जैव विविधता संरक्षण बनाम सिंचाई आवश्यकताओं के लिए इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
राष्ट्रीय नदी जोड़ो योजना के तहत पहली भारत की केन-बेतवा परियोजना 77 मीटर ऊँचे दौधन बांध और 221 कि.मी. नहर के जरिए 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई तथा 62 लाख लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध कराएगी; लागत 44,605 करोड़ रुपये है। पन्ना टाइगर रिजर्व का 98 वर्ग कि.मी. क्षेत्र जलमग्न होना, 23 लाख पेड़ों की हानि और वर्षा में संभावित कमी प्रमुख चिंताएं हैं।
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केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना पन्ना टाइगर रिजर्व का लगभग कितना क्षेत्र जलमग्न करेगी?
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना पन्ना टाइगर रिजर्व का लगभग 98 वर्ग किमी जलमग्न करेगी, जिससे बाघों, घड़ियालों और विभिन्न प्रजातियों को खतरा है। परियोजना में लगभग 23 लाख पेड़ों का नुकसान भी होगा।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना और पन्ना टाइगर रिजर्व को लेकर प्रमुख पर्यावरणीय चिंताएं क्या हैं?
**केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना** (राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना के तहत पहली, लक्ष्य **2030** तक पूरी) से जुड़ी प्रमुख पर्यावरणीय चिंताएं हैं: **पन्ना टाइगर रिजर्व** के **98 वर्ग किमी** का जलमग्न होना, जिससे **बाघ** और **घड़ियाल** खतरे में हैं; **23 लाख पेड़ों** का नुकसान; और **IIT-बॉम्बे** शोध में **12% तक वर्षा की कमी** की चेतावनी।
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की कुल लागत क्या है और इससे कितने लोगों को लाभ मिलेगा?
**केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना** की कुल लागत **₹44,605 करोड़** है। इसका लक्ष्य **10.62 लाख हेक्टेयर** में सिंचाई और **62 लाख लोगों** को पेयजल उपलब्ध कराना है। परियोजना में **77 मीटर का दौधन बांध** और **2 किमी सुरंग** सहित **221 किमी नहर** शामिल है। पूरा होने का लक्ष्य **2030** है।
IIT-बॉम्बे के शोध में केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना से सूखे की चिंता क्यों जताई गई है?
**IIT-बॉम्बे के शोध** से संकेत मिलता है कि नदी जोड़ने से **12% तक वर्षा की कमी** हो सकती है। बड़े पैमाने पर एक बेसिन से दूसरे बेसिन में जल स्थानांतरण स्थानीय जलविज्ञान और क्षेत्रीय जलवायु को बदलता है। इसके अलावा, परियोजना से **पन्ना टाइगर रिजर्व** के **98 वर्ग किमी** जलमग्न होंगे और **23 लाख पेड़** कटेंगे।
दौधन बांध क्या है और केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना में इसकी क्या भूमिका है?
**दौधन बांध** मध्य प्रदेश में **केन नदी** पर प्रस्तावित **77 मीटर** ऊंचा बांध है, जो **केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना** का आधार है। बांध में जमा पानी **221 किमी नहर** (2 किमी सुरंग सहित) से बेतवा बेसिन में भेजा जाएगा। इससे **10.62 लाख हेक्टेयर** क्षेत्र में सिंचाई और **62 लाख लोगों** को पेयजल मिलेगा, लेकिन **पन्ना टाइगर रिजर्व** का **98 वर्ग किमी** क्षेत्र जलमग्न होगा।
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों को कैसे खतरे में डालती है?
**केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना** से **पन्ना टाइगर रिजर्व** का **98 वर्ग किमी** क्षेत्र जलमग्न होगा, जो **बाघों** और **घड़ियालों** (गंभीर रूप से लुप्तप्राय) का महत्वपूर्ण आवास है। बांध निर्माण के लिए **23 लाख पेड़** भी काटे जाएंगे। **IIT-बॉम्बे** ने चेतावनी दी है कि नदी जोड़ से **12% वर्षा की कमी** हो सकती है, जिससे **मध्य प्रदेश** का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होगा।
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