3 सितंबर 2025 को भारत की GST परिषद ने ऐतिहासिक 'GST 2.0' सुधार को मंजूरी दी, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुआ। अप्रत्यक्ष कर संरचना को सरल बनाते हुए केवल दो स्लैब — 5% और 18% — रखे गए हैं। 12% और 28% के स्लैब समाप्त कर दिए गए, जबकि वातित पेय, महंगी कारों और निजी विमानों जैसी विलासिता एवं हानिकारक वस्तुओं पर 40% की नई दर लागू की गई है। सिगरेट, जर्दा जैसे चबाने वाले तंबाकू उत्पाद, अप्रसंस्कृत तंबाकू और बीड़ी पर मौजूदा वस्तु एवं सेवा कर तथा क्षतिपूर्ति उपकर ही लागू रहेंगे, और इन पर नई दरें बाद में अधिसूचित तिथि से लागू होंगी।

यह सुधार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ से बने वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच घरेलू उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। इससे MSME और स्टार्टअप्स के लिए अनुपालन सरल होगा, रिफंड प्रक्रिया तेज होगी और कर का व्यापक असर कम होगा।