भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 17 दिसंबर 2025 तक पिछले वित्त वर्ष की तुलनात्मक अवधि के मुकाबले 8.00% की मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए ₹17.05 लाख करोड़ पहुँचा। सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.16% की वृद्धि के साथ ₹20.01 लाख करोड़ रहा। 17 दिसंबर तक अग्रिम कर संग्रह ₹7,88,388 करोड़ (4.27% वृद्धि) रहा, कॉर्पोरेट अग्रिम कर 7.98% बढ़कर ₹6,07,300 करोड़ हुआ। जारी रिफंड ₹2,97,069 करोड़ रहा, जो 13.52% की गिरावट दर्शाता है, जिससे शुद्ध राजस्व वसूली में सुधार हुआ। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने यह डेटा जारी किया। प्रत्यक्ष कर संग्रह में निरंतर वृद्धि अर्थव्यवस्था के बढ़ते औपचारिकीकरण, बेहतर अनुपालन और फेसलेस असेसमेंट सुधारों की सफलता दर्शाती है।
भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 17 दिसंबर तक 8% बढ़कर ₹17.05 लाख करोड़; सकल संग्रह ₹20 लाख करोड़ के पार
वित्त वर्ष 2025-26 में 17 दिसंबर 2025 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 8.00% बढ़कर ₹17.05 लाख करोड़ पहुँच गया। सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.16% की वृद्धि के साथ ₹20.01 लाख करोड़ रहा। 17 दिसंबर तक अग्रिम कर संग्रह ₹7,88,388 करोड़ (4.27% वृद्धि) रहा, जबकि कॉर्पोरेट अग्रिम कर 7.98% बढ़कर ₹6,07,300 करोड़ हो गया। जारी किए गए रिफंड ₹2,97,069 करोड़ रहे, जो 13.52% की गिरावट दिखाते हैं; इससे शुद्ध राजस्व वसूली में सुधार हुआ। ये आंकड़े केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने जारी किए। प्रत्यक्ष कर संग्रह में लगातार वृद्धि अर्थव्यवस्था के बढ़ते औपचारिकीकरण, बेहतर अनुपालन और फेसलेस असेसमेंट सुधारों की सफलता को दिखाती है।
मुख्य तथ्य
- वित्त वर्ष 2025-26 में 17 दिसंबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8% बढ़कर 17.05 लाख करोड़ रुपये हुआ।
- सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.16% की वार्षिक वृद्धि से 20 लाख करोड़ रुपये पार कर गया।
- कॉर्पोरेट अग्रिम कर 7.98% बढ़कर 6,07,300 करोड़ रुपये हुआ — इससे कॉर्पोरेट आय की मजबूती दिखती है।
- रिफंड 13.52% घटकर 2,97,069 करोड़ रुपये रहा जिससे शुद्ध राजस्व वसूली में सुधार हुआ।
- यह वृद्धि बढ़ते आर्थिक औपचारिकीकरण, बेहतर अनुपालन और डिजिटल कर रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था में सुधारों को दर्शाती है।
- मजबूत प्रत्यक्ष कर राजस्व राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर बोझ डाले बिना पूंजीगत व्यय की गुंजाइश बनाता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: CBDT / NewsOnAir (DD News) / TaxGuru / A2ZTaxcorp / OutlookMoney
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
FY2025-26 में 17 दिसंबर 2025 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह कितना रहा और वृद्धि दर क्या थी?
FY2025-26 में 17 दिसंबर 2025 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.00% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹17.05 लाख करोड़ रहा।
सकल और शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में क्या अंतर है और FY2025-26 के आँकड़े क्या हैं?
सकल संग्रह रिफंड से पहले का कुल कर होता है जबकि शुद्ध संग्रह रिफंड घटाने के बाद का आँकड़ा है। FY2025-26 में सकल संग्रह ₹20.01 लाख करोड़ (4.16% वृद्धि) और शुद्ध संग्रह ₹17.05 लाख करोड़ (8.00% वृद्धि) रहा; रिफंड ₹2.97 लाख करोड़ (13.52% कमी) रहा।
FY2025-26 में कॉर्पोरेट अग्रिम कर में वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में क्या बताती है?
कॉर्पोरेट अग्रिम कर 7.98% बढ़कर ₹6,07,300 करोड़ हुआ, जो भारतीय कंपनियों की मजबूत आय और अच्छे लाभ-वृद्धि रुझान का संकेत है — यह आर्थिक गति और औपचारिकीकरण के लिए सकारात्मक संकेत है।
भारत में प्रत्यक्ष करों का प्रशासन कौन सी संस्था करती है और अनुपालन सुधारने के लिए कौन-से कदम उठाए गए हैं?
वित्त मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) प्रत्यक्ष करों का प्रशासन करता है। अनुपालन सुधारने वाले प्रमुख कदम हैं — अनिवार्य डिजिटल फाइलिंग, पूर्व-भरे ITR फॉर्म, फेसलेस असेसमेंट स्कीम और TDS/TCS नेटवर्क का विस्तार।
मजबूत प्रत्यक्ष कर राजस्व भारत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में कैसे मदद करता है?
प्रत्यक्ष कर संग्रह अधिक होने से सरकार की बाजार उधारी पर निर्भरता घटती है। राजस्व में मजबूत वृद्धि से राजकोषीय घाटा बढ़ाए बिना बुनियादी ढाँचे पर पूंजीगत व्यय बनाए रखा जा सकता है, जिससे सरकार के मध्यम अवधि के राजकोषीय समेकन लक्ष्य में मदद मिलती है।
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