दक्षिण अफ्रीका की 2025 जी20 अध्यक्षता समसामयिकी, अंतरराष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण विषय है। यह लेख 2025-11-22 को प्रकाशित हुआ है, इसलिए परीक्षा में इसे 2025 जी20 एजेंडा और वैश्विक शासन के संदर्भ में पढ़ना चाहिए। दक्षिण अफ्रीका ने 'एकजुटता, समानता और स्थिरता' थीम के साथ अध्यक्षता संभाली। आधिकारिक अवधि 1 दिसंबर 2024 से 30 नवंबर 2025 तक रही। जी20 आर्थिक सहयोग का अंतरराष्ट्रीय फोरम है, इसलिए इसकी अध्यक्षता केवल कूटनीतिक घटना नहीं, बल्कि विकास वित्त, जलवायु वित्त और वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं से जुड़ी खबर है। दक्षिण अफ्रीका की प्राथमिकताओं में आपदा से निपटने की क्षमता और प्रतिक्रिया, कम आय वाले देशों के लिए ऋण स्थिरता, न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन के लिए वित्त जुटाना और समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का इस्तेमाल शामिल रहा। ये बिंदु RAS और UPSC दोनों में प्रीलिम्स के तथ्यात्मक सवालों तथा मुख्य परीक्षा के वैश्विक दक्षिण, जलवायु न्याय, ऋण राहत, विकास वित्त और महत्वपूर्ण खनिज वाले उत्तरों से जुड़ सकते हैं। भारत से इसका जुड़ाव भी साफ है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने नई दिल्ली और रियो डी जनेरियो शिखर सम्मेलनों के परिणामों को आगे बढ़ाया। इसलिए भारत की 2023 जी20 अध्यक्षता, ब्राजील की 2024 अध्यक्षता और दक्षिण अफ्रीका की 2025 अध्यक्षता को एक निरंतरता के रूप में देखना उपयोगी है। दक्षिण अफ्रीका जी20 अध्यक्षता संभालने वाला पहला अफ्रीकी देश था; इसलिए यह अफ्रीका और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को जी20 एजेंडा में जगह देने वाली ऐतिहासिक घटना भी रही। स्टैटिक जीके में जी20, वैश्विक आर्थिक शासन, जलवायु वित्त, ऋण स्थिरता और महत्वपूर्ण खनिजों को साथ पढ़ें।