दिल्ली सरकार और आईआईटी कानपुर की साझेदारी से विकसित की जा रही इंटेलिजेंट शिकायत निगरानी प्रणाली, यानी आईजीएमएस, शासन और तकनीक के मेल का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसका उद्देश्य लोक शिकायतों के निवारण को तेज, अधिक पारदर्शी और बेहतर विश्लेषण-आधारित बनाना है। यह प्रणाली AI और मशीन लर्निंग का उपयोग करेगी, और सीपीग्राम्स और एलजी लिसनिंग पोस्ट जैसे कई शिकायत पोर्टलों को एकीकृत डैशबोर्ड पर लाएगी। इससे अलग-अलग पोर्टलों पर बिखरी शिकायतों को एक जगह देखकर उनकी स्थिति, देरी और मूल कारणों को समझना आसान होगा।
परीक्षा की दृष्टि से यह खबर केवल दिल्ली प्रशासन तक सीमित नहीं है। इसे ई-गवर्नेंस, डिजिटल प्रशासन, लोक सेवा वितरण, पारदर्शिता और शिकायत निवारण तंत्र जैसे विषयों से जोड़कर पढ़ना चाहिए। AI आधारित प्रणाली का उपयोग यहां किसी निजी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सरकारी सेवा-प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए किया जा रहा है। इसलिए RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इससे प्रारंभिक परीक्षा के तथ्यात्मक प्रश्न भी बन सकते हैं और मुख्य परीक्षा में शासन-सुधार, तकनीक के उपयोग तथा नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर उदाहरण के रूप में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
स्टैटिक जीके से जोड़ते समय अभ्यर्थी ई-गवर्नेंस के मूल तत्व, लोक शिकायत निवारण की संस्थागत व्यवस्था, डिजिटल डैशबोर्ड, डेटा-आधारित निर्णय और पारदर्शिता जैसे बिंदुओं को दोहरा सकते हैं। इस पहल में आईआईटी कानपुर तकनीकी साझेदार के रूप में सामने आता है, जबकि दिल्ली सरकार इसका प्रशासनिक पक्ष संभालती है। इसमें कोई संख्यात्मक लक्ष्य नहीं दिया गया है, इसलिए याद रखने योग्य मुख्य बातें साझेदार संस्थाएं, प्रणाली का नाम, एकीकृत डैशबोर्ड, AI और मशीन लर्निंग का उपयोग, तेज समाधान, मूल कारणों का विश्लेषण और अधिक पारदर्शिता हैं।
