20 अक्टूबर 2025 को राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने अपने देशव्यापी 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' के तहत न्हावा शेवा बंदरगाह (नवी मुंबई) पर 40 फुट के एक कंटेनर से ₹4.82 करोड़ कीमत के चीन में बने 46,640 पटाखे जब्त किए। यह खेप चीन से आई थी और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD), अंकलेश्वर भेजी जा रही थी। दस्तावेज़ों में इसे 'लेगिंग्स' बताया गया था, लेकिन कपड़ों की ऊपरी परत के पीछे पटाखे छिपे मिले। सीमा शुल्क अधिकारियों को धोखा देने के लिए माल का गलत विवरण देने का यह एक आम तरीका है। गुजरात के वेरावल से एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन फायर ट्रेल वित्त मंत्रालय के तहत DRI की पहल है। इसका उद्देश्य खासकर दिवाली से पहले खतरनाक विदेशी पटाखों का अवैध आयात रोकना है, क्योंकि ऐसे पटाखे भारत के व्यापार, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हैं।
ऑपरेशन फायर ट्रेल: राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर तस्करी कर लाए गए ₹4.82 करोड़ के चीनी पटाखे जब्त किए
20 अक्टूबर 2025 को राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने अपने देशव्यापी 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' के तहत न्हावा शेवा बंदरगाह (नवी मुंबई) पर 40 फुट के एक कंटेनर से ₹4.82 करोड़ कीमत के चीन में बने 46,640 पटाखे जब्त किए। यह खेप चीन से आई थी और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD), अंकलेश्वर भेजी जा रही थी। दस्तावेज़ों में इसे 'लेगिंग्स' बताया गया था, लेकिन कपड़ों की ऊपरी परत के पीछे पटाखे छिपे मिले। सीमा शुल्क अधिकारियों को धोखा देने के लिए माल का गलत विवरण देने का यह एक आम तरीका है। गुजरात के वेरावल से एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन फायर ट्रेल वित्त मंत्रालय के तहत DRI की पहल है। इसका उद्देश्य खासकर दिवाली से पहले खतरनाक विदेशी पटाखों का अवैध आयात रोकना है, क्योंकि ऐसे पटाखे भारत के व्यापार, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हैं।
मुख्य तथ्य
- राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने ऑपरेशन फायर ट्रेल के तहत न्हावा शेवा बंदरगाह से ₹4.82 करोड़ कीमत के 46,640 चीनी पटाखे जब्त किए।
- खेप को 'लेगिंग्स' बताकर उसका गलत विवरण दिया गया था और तस्करी के पटाखे कपड़ों की परतों के पीछे छिपाए गए थे।
- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने 20 अक्टूबर 2025 को अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD), अंकलेश्वर भेजे जा रहे 40 फुट के कंटेनर से हुई इस जब्ती की जानकारी दी।
- DRI ने गुजरात के वेरावल से एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया।
- ऑपरेशन फायर ट्रेल पटाखों का अवैध आयात रोकने के लिए वित्त मंत्रालय के तहत DRI की पहल है।
- दिवाली से पहले राजस्थान को तस्करी कर लाए गए चीनी पटाखों का एक प्रमुख बाज़ार माना गया है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्टूबर 2025 में न्हावा शेवा बंदरगाह पर डीआरआई 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' जब्ती में, शिपिंग कंटेनर में 46,640 चीनी पटाखों को किस नाम से गलत घोषित किया गया था?
चीन से आए और आईसीडी अंकलेश्वर भेजे जा रहे 40 फुट कंटेनर को 'लेगिंग्स' घोषित किया गया था। वस्त्रों की सतही परत के पीछे आतिशबाजी छिपी मिली। यह गलत घोषणा की परिचित तस्करी-रणनीति है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन फायर ट्रेल क्या है और इसे कौन-सी संस्था चलाती है?
ऑपरेशन फायर ट्रेल वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की देशव्यापी तस्करी-रोधी पहल है। इसका उद्देश्य भारत में खतरनाक विदेशी पटाखों के अवैध आयात को रोकना है।
अक्टूबर 2025 में न्हावा शेवा बंदरगाह पर क्या जब्त किया गया और उसकी कीमत क्या थी?
DRI ने 20 अक्टूबर 2025 को न्हावा शेवा बंदरगाह (नवी मुंबई) पर 40 फुट के एक कंटेनर से चीन में बने 46,640 पटाखे जब्त किए, जिनकी कीमत ₹4.82 करोड़ थी।
तस्करी के पटाखों को खेप में कैसे छिपाया गया था?
कंटेनर में भरे माल को 'लेगिंग्स' यानी कपड़े बताया गया था, जबकि पटाखे कपड़ों की ऊपरी परत के पीछे छिपाए गए थे। सीमा शुल्क अधिकारियों को धोखा देने के लिए माल का गलत विवरण देने का यह एक आम तरीका है।
मुख्य आरोपी को कहाँ से गिरफ्तार किया गया और खेप कहाँ जाने वाली थी?
मुख्य आरोपी को गुजरात के वेरावल से गिरफ्तार किया गया। खेप चीन से आई थी और गुजरात के अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD), अंकलेश्वर भेजी जा रही थी।
चीनी पटाखों की तस्करी के संदर्भ में राजस्थान क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान को, खासकर दिवाली से पहले, तस्करी कर लाए गए चीनी पटाखों की खपत का एक प्रमुख बाज़ार माना जाता है। इसलिए राज्य प्रशासन के लिए सीमाओं पर कड़ी निगरानी और खुफिया जानकारी साझा करना बेहद ज़रूरी है।
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