भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की बाज़ार से जुड़ी आधिकारिक रिपोर्ट में एकीकृत कृषि सांख्यिकी पोर्टल (UPAg) के प्रथम अग्रिम अनुमानों का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार 2025-26 में भारत में सोयाबीन का रकबा 123.53 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 142.66 लाख टन रहने का अनुमान है। यह उत्पादन 2024-25 के 152.68 लाख टन के अनुमान से 6.56% कम है; उस वर्ष रकबा 129.52 लाख हेक्टेयर था।
आधिकारिक अनुमानों के अनुसार 2025-26 में राजस्थान में सोयाबीन का रकबा 9.80 लाख हेक्टेयर रह सकता है, जो पिछले वर्ष से 14.80% कम है। रकबे के आधार पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सोयाबीन के प्रमुख राज्य हैं। खाद्य तेलों के लिहाज़ से सोयाबीन उत्पादन में कमी अहम है, क्योंकि पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार भारत में खपत होने वाले खाद्य तेलों का लगभग 60% हिस्सा आयात से पूरा होता है।
