विश्व कैंसर दिवस प्रतिवर्ष 4 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (UICC) द्वारा मनाया जाता है। 2026 में यह 2025–2027 के तीन वर्षीय अभियान का दूसरा वर्ष है, जिसका विषय 'यूनाइटेड बाय यूनीक' है — यह इस बात पर जोर देता है कि हर कैंसर रोगी का अनुभव अनोखा है और इस विविधता में एकता बेहतर परिणाम देती है। 3–5 फरवरी 2026 के दौरान कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन (CPAA) ने पूरे भारत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

भारत विश्व में सर्वाधिक कैंसर बोझ वाले देशों में से एक है — ICMR-NCRP के अनुसार 2025 में अनुमानित लगभग 15.7 लाख नए मामले। स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, मौखिक, फेफड़ा और कोलोरेक्टल कैंसर सर्वाधिक प्रचलित हैं। राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (NCG), NPCDCS और आयुष्मान भारत PM-JAY इस बोझ से निपटने के संस्थागत उपाय हैं।

राजस्थान में AIIMS जोधपुर और सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू उपयोग की अधिकता और प्रारंभिक जांच की सीमित पहुंच राज्य के कैंसर बोझ को बढ़ाते हैं।