प्रकाशित: 4 अक्टूबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
छिंदवाड़ा में कफ सिरप से मौतें: डॉक्टर हिरासत में, मरने वाले बच्चों की संख्या 11 हुई
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला 5 अक्टूबर 2025 तक 14 मौतों तक पहुंच गया। उसी दिन नागपुर में एक दो वर्षीय बच्ची की मृत्यु के बाद यह संख्या बढ़ी। कथित तौर पर यह सिरप लिखने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया और डॉ सोनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। ऐसे मामलों में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन को दवा-गुणवत्ता नियमन और केंद्र-राज्य समन्वय के साथ पढ़ना पड़ता है।
मामले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप का नाम सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, उसके नमूने में डायएथिलीन ग्लाइकोल मिला, जो दवा में मिलावट और गुणवत्ता-जांच की विफलता को रेखांकित करता है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस सिरप की बिक्री पर रोक लगाई और आगे की बिक्री, वितरण तथा उपलब्ध स्टॉक की जब्ती के निर्देश दिए। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन भारत का राष्ट्रीय दवा नियामक है; इसके साथ राज्य दवा नियंत्रण तंत्र की भूमिका भी इसलिए महत्त्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि रोजमर्रा में बिकने वाली दवाओं की सुरक्षा नई दवाओं की मंजूरी, मानक तय करने, आयातित दवाओं की गुणवत्ता पर नियंत्रण, राज्य समन्वय और बाजार में आने के बाद निगरानी पर निर्भर करती है।
फार्माकोविजिलेंस का अर्थ दवाओं से जुड़े दुष्प्रभावों या अन्य समस्याओं का पता लगाना, उनका आकलन करना, उन्हें समझना और रोकना है। इस घटना से स्टैटिक जीके में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, दवा मिलावट, नियामक संस्थाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन को जोड़कर पढ़ा जा सकता है। मुख्य परीक्षा में यह केस उत्तरदायित्व, पीड़ित परिवारों के लिए राहत, गुणवत्ता-जांच क्षमता, और छोटे कस्बों तक सुरक्षित दवा आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे बिंदुओं पर उदाहरण के रूप में उपयोगी है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
5 अक्टूबर 2025 तक मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में दूषित खांसी की दवाई की घटना में कितने बच्चों की मृत्यु हुई थी?
व्याख्या · सही उत्तर Cमध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले में दूषित खांसी की दवाई से मरने वालों की संख्या 5 अक्टूबर 2025 तक बढ़कर 11 बच्चों तक पहुंच गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में 5 अक्टूबर 2025 तक बच्चों की मौतों की संख्या कितनी थी?
5 अक्टूबर 2025 तक मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों की संख्या 14 हो गई थी। नागपुर में एक दो वर्षीय बच्ची की मृत्यु के बाद यह संख्या बढ़ी।
डॉ सोनी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
कथित तौर पर सिरप लिखने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया और डॉ सोनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। यह कार्रवाई दवा लिखने, मिलावटी दवा की आपूर्ति और बच्चों की मौतों से जुड़ी जांच के संदर्भ में हुई।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की भूमिका क्यों महत्त्वपूर्ण है?
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन भारत का राष्ट्रीय दवा नियामक है। दवा सुरक्षा में उसकी भूमिका नई दवाओं की मंजूरी, मानक तय करने, आयातित दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण और राज्य दवा नियंत्रण संगठनों के समन्वय से जुड़ी है।
फार्माकोविजिलेंस क्या है?
फार्माकोविजिलेंस दवाओं से जुड़े दुष्प्रभावों या अन्य दवा-संबंधी समस्याओं का पता लगाने, आकलन करने, समझने और रोकने की प्रक्रिया है। कफ सिरप जैसे मामलों में यह बाजार में आने के बाद निगरानी को मजबूत करने से जुड़ता है।
यह मामला परीक्षा के दृष्टिकोण से क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर लिखते समय इस मामले से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन, दवा मिलावट, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, केंद्र-राज्य समन्वय और पीड़ित परिवारों के प्रति जवाबदेही को समझाया जा सकता है।