प्रकाशित: 7 मार्च 2026Al Jazeeraअंतरराष्ट्रीय
पिता की हत्या के बाद मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सर्वोच्च नेता बने
ईरान की विशेषज्ञ सभा ने 8 मार्च 2026 को घोषणा की कि मोजतबा खामेनेई (59) को ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में चुना गया है। वे अपने पिता आयातुल्लाह अली खामेनेई के उत्तराधिकारी हैं जो 28 फरवरी को इज़राइली हमलों में मारे गए थे। मोजतबा को 88 में से 59 वोट मिले।
यह नियुक्ति भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2026 होर्मुज जलसंधि संकट के बीच आई है। ईरान ने 2 मार्च को अमेरिकी और इज़राइली जहाजों के लिए जलसंधि बंद कर दी, जिससे भारत के ऊर्जा आयात खतरे में हैं — भारत के 90% LPG आयात होर्मुज से गुजरते हैं। तेहरान के साथ भारत की कूटनीति महत्वपूर्ण है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई के चुनाव के भारत के लिए भू-राजनीतिक प्रभावों की 2026 होर्मुज जलडमरूमध्य संकट एवं भारत की एलपीजी आयात निर्भरता के संदर्भ में परीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
8 मार्च 2026 को ईरान की विशेषज्ञ सभा ने 59 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को तीसरा सर्वोच्च नेता चुना; वे 28 फरवरी इज़राइली हमलों में मारे गए पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी हैं। छह-दिवसीय चर्चा के बाद उन्हें 59/88 मत मिले। भारत के लिए यह अहम है, क्योंकि 2026 संकट में 90% एलपीजी आयात होर्मुज से होता है।
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8 मार्च 2026 को निर्वाचित होकर ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता कौन बने?
व्याख्या · सही उत्तर C56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च 2026 को 88 धर्मगुरुओं वाली विशेषज्ञ सभा ने ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में आधिकारिक रूप से नियुक्त किया। स्रोत निर्णायक मतदान बताता है, लेकिन 88 में से 59 मतों का आंकड़ा समर्थित नहीं है। उन्होंने अपने पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई का स्थान लिया, जिनकी 28 फरवरी को इज़रायली हमलों में मृत्यु हुई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोजतबा खामेनेई को मार्च 2026 में ईरान का सर्वोच्च नेता क्यों चुना गया?
**मोजतबा खामेनेई (59)** को **8 मार्च 2026** को ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना गया, क्योंकि उनके पिता **आयातुल्लाह अली खामेनेई** की **28 फरवरी** को इज़राइली हमलों में मृत्यु हो गई थी। उन्हें 88 में से **59 वोट** मिले।
मोजतबा खामेनेई को ईरान का सर्वोच्च नेता चुनते समय कितने वोट मिले थे?
मोजतबा खामेनेई को ईरान की विशेषज्ञ सभा में **88 में से 59 वोट** मिले। यह **आवश्यक दो-तिहाई बहुमत** था, जो **3 से 8 मार्च 2026** तक छह दिन के विचार-विमर्श के बाद हासिल हुआ।
2026 होर्मुज जलसंधि संकट का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या प्रभाव है?
ईरान ने **2 मार्च 2026** को अमेरिकी और इज़राइली जहाजों के लिए **होर्मुज जलसंधि** बंद कर दी। भारत के **90% LPG आयात** होर्मुज से गुजरते हैं, इसलिए नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के साथ भारत के कूटनीतिक संपर्क ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मोजतबा खामेनेई से पहले ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता कौन थे?
**आयातुल्लाह अली खामेनेई** ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता थे, जो **28 फरवरी 2026** को इज़राइली हमलों में मारे गए। उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को **8 मार्च 2026** को तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में चुना गया।
ईरान में मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता बनना भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि **2026 होर्मुज जलसंधि संकट** में ईरान ने जलसंधि बंद कर दी और भारत के **90% LPG आयात** होर्मुज से गुजरते हैं। ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए तेहरान से कूटनीतिक संबंध बनाए रखना आवश्यक है।