राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' के तहत महाराष्ट्र के न्हावा शेवा बंदरगाह पर 4.82 करोड़ रुपये के 46,640 तस्करी किए गए चीनी पटाखे जब्त किए। पटाखों को कपड़ों की परत के पीछे छुपाया गया था। जूनागढ़, गुजरात के एम. ए. एस. पोठियावाला को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले DRI ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर (14-18 अक्टूबर) 5.01 करोड़ के 83,520 चीनी पटाखे जब्त किए थे। ऑपरेशन फायर ट्रेल खतरनाक विदेशी पटाखों के अवैध आयात पर अंकुश लगाने का राष्ट्रव्यापी अभियान है।
DRI ने ऑपरेशन फायर ट्रेल के तहत न्हावा शेवा में 4.82 करोड़ के चीनी पटाखे जब्त किए
DRI ने ऑपरेशन फायर ट्रेल के तहत न्हावा शेवा में 4.82 करोड़ रुपये के चीनी पटाखे जब्त किए; देशभर में कुल जब्ती 10 करोड़ रुपये से अधिक रही।
मुख्य तथ्य
- DRI ने ऑपरेशन फायर ट्रेल के तहत न्हावा शेवा बंदरगाह पर 4.82 करोड़ रुपये कीमत के तस्करी कर लाए गए 46,640 चीनी पटाखे जब्त किए
- पटाखे कपड़ों के पीछे छुपाए गए थे; वेरावल, गुजरात से एक व्यक्ति गिरफ्तार
- पहले Tuticorin बंदरगाह पर 5.01 करोड़ रुपये कीमत के 83,520 चीनी पटाखे जब्त किए गए थे, जहाँ सामान को गलत तरीके से इंजीनियरिंग वस्तुएँ बताया गया था
- यह अभियान व्यापार और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले हानिकारक विदेशी पटाखों के अवैध आयात के खिलाफ है
6-अक्ष वर्गीकरण
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मकर संक्रांति के दौरान राजस्थान के किस जिले में 31 जनवरी तक चीनी मांझा (नायलॉन धागा) पर प्रतिबंध लगाया गया?
सिरोही जिले ने 31 जनवरी तक चीनी मांझा पर प्रतिबंध लगाया और विशिष्ट घंटों में पतंगबाजी सीमित की।
स्रोत: Organiser
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवा शेवा बंदरगाह पर ऑपरेशन फायर ट्रेल क्या था?
**ऑपरेशन फायर ट्रेल** **नवा शेवा बंदरगाह (JNPT)** पर DRI का एक अभियान था, जिसमें **₹4.82 करोड़ के तस्करी से लाए गए 46,640 चीनी पटाखे** जब्त किए गए। दिवाली से पहले सस्ते पटाखों की मांग चरम पर होने के समय यह जब्ती की गई।
ऑपरेशन फायर ट्रेल के तहत जब्त चीनी पटाखों की कीमत कितनी थी?
**DRI ने महाराष्ट्र के नवा शेवा में ऑपरेशन फायर ट्रेल के तहत ₹4.82 करोड़ के चीनी पटाखे जब्त किए**। इस तस्करी-रोधी अभियान में कुल **46,640 इकाइयां** जब्त की गईं।
भारत में आयातित पटाखे अवैध क्यों हैं?
भारत में पटाखों का आयात **विस्फोटक अधिनियम और विदेश व्यापार नीति के तहत प्रतिबंधित** है। केवल पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से लाइसेंस प्राप्त घरेलू निर्माता ही कानूनी रूप से पटाखे बना और बेच सकते हैं।
पटाखों की तस्करी रोकने में DRI की क्या भूमिका है?
**DRI (राजस्व आसूचना निदेशालय)** बंदरगाहों, भूमि सीमाओं और हवाई अड्डों पर पटाखों सहित तस्करी के माल का पता लगाने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाता है। **फायर ट्रेल** जैसे अभियान अवैध पटाखा आयात रोकने के लिए दिवाली से पहले विशेष रूप से सक्रिय होते हैं।
चीनी पटाखों की तस्करी भारत के घरेलू उद्योग को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
तस्करी कर लाए गए चीनी पटाखे **भारत के वैध पटाखा निर्माताओं** (मुख्य रूप से तमिलनाडु के शिवकाशी में) से कम कीमत पर बिकते हैं। इससे उनका राजस्व घटता है और भारत के विनियमित पटाखा उद्योग में हजारों श्रमिकों के रोजगार पर खतरा आता है।
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