राजस्थान सरकार ने फरवरी 2026 में राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना 2026 अधिसूचित की। यह योजना पर्यटन के विकेंद्रीकरण, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने और आगंतुकों को प्रामाणिक सांस्कृतिक अनुभव देने के लिहाज से महत्वपूर्ण सुधार लाती है। यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के व्यापक पर्यटन संवर्धन एजेंडे का हिस्सा है।

नई योजना के प्रमुख बदलाव हैं: (i) होमस्टे इकाई में अधिकतम कमरे 5 से बढ़ाकर 8 किए गए और बिस्तर क्षमता 24 की गई; (ii) मालिक के अनिवार्य निवास की शर्त हटाई गई, जिससे ग्रामीण परिवार, महिला उद्यमी और छोटे संपत्ति मालिक, जो परिसर में स्थायी रूप से नहीं रहते, अपनी संपत्ति पंजीकृत कर सकते हैं; (iii) कम दस्तावेजों के साथ एक-खिड़की प्रणाली से ऑनलाइन पंजीकरण; और (iv) दूरदराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए तेज स्वीकृतियाँ।

यह योजना जैसलमेर, जोधपुर, पुष्कर, उदयपुर और हाड़ौती क्षेत्र के विरासत क्षेत्रों तथा बांसवाड़ा, डूंगरपुर व प्रतापगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में समुदाय-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।