प्रकाशित: 26 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतराजस्थान
राजस्थान होमस्टे नीति 2026 अधिसूचित: कमरों की संख्या 8 तक बढ़ाई, ग्रामीण पर्यटन बढ़ाने के लिए मालिक के निवास की शर्त हटाई
राजस्थान सरकार ने फरवरी 2026 में राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना 2026 अधिसूचित की। यह योजना पर्यटन के विकेंद्रीकरण, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने और आगंतुकों को प्रामाणिक सांस्कृतिक अनुभव देने के लिहाज से महत्वपूर्ण सुधार लाती है। यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के व्यापक पर्यटन संवर्धन एजेंडे का हिस्सा है।
नई योजना के प्रमुख बदलाव हैं: (i) होमस्टे इकाई में अधिकतम कमरे 5 से बढ़ाकर 8 किए गए और बिस्तर क्षमता 24 की गई; (ii) मालिक के अनिवार्य निवास की शर्त हटाई गई, जिससे ग्रामीण परिवार, महिला उद्यमी और छोटे संपत्ति मालिक, जो परिसर में स्थायी रूप से नहीं रहते, अपनी संपत्ति पंजीकृत कर सकते हैं; (iii) कम दस्तावेजों के साथ एक-खिड़की प्रणाली से ऑनलाइन पंजीकरण; और (iv) दूरदराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए तेज स्वीकृतियाँ।
यह योजना जैसलमेर, जोधपुर, पुष्कर, उदयपुर और हाड़ौती क्षेत्र के विरासत क्षेत्रों तथा बांसवाड़ा, डूंगरपुर व प्रतापगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में समुदाय-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
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राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026 के तहत पात्र होमस्टे इकाई में अधिकतम कितने कमरे हो सकते हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aराजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026 के तहत पात्र सुसज्जित आवासीय भवन कम-से-कम 1 और अधिकतम 8 कमरों के लिए आवेदन कर सकता है, साथ में 24 बेड की सीमा है। इसलिए कमरों की सही अधिकतम सीमा 8 है; 5 कमरे पुरानी सीमा थी और 12 या 20 कमरे इस होमस्टे सीमा से बाहर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान होमस्टे नीति 2026 ने पुरानी नीति की तुलना में कौन-से दो प्रमुख बदलाव किए?
राजस्थान होमस्टे नीति 2026 ने दो बड़े बदलाव किए: (1) पंजीकृत होमस्टे में अधिकतम कमरों की सीमा 5 से बढ़ाकर 8 कर दी, ताकि अधिक अतिथियों को ठहराकर ज्यादा आय हो सके; और (2) मालिक के वहाँ रहने की अनिवार्य शर्त हटा दी — पहले मालिक को होमस्टे वाली संपत्ति में खुद रहना पड़ता था, इसलिए बाहर रहने वाले ग्रामीण भूस्वामी और शहरी निवेशक योजना से बाहर रह जाते थे।
निवास शर्त हटाने से विशेष रूप से महिला उद्यमियों और ग्रामीण परिवारों को कैसे लाभ होगा?
राजस्थान में कई ग्रामीण महिलाएँ पैतृक संपत्ति की मालिक हैं, लेकिन वे ससुराल या किसी अन्य जगह रहती हैं। निवास की शर्त हटने से वे अपनी खाली हवेलियाँ, फार्म हाउस या पारंपरिक घरों को वहाँ स्थायी रूप से रहे बिना होमस्टे के रूप में पंजीकृत करा सकती हैं। इससे बेकार पड़ी विरासत और ग्रामीण संपत्ति से आय होगी और महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र का क्या महत्व है?
पर्यटन कृषि के बाद राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक क्षेत्र है, जो GDP, रोजगार और विदेशी मुद्रा अर्जन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राजस्थान प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ घरेलू और 15 लाख+ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, रणथंभौर और आदिवासी सर्किट (डूँगरपुर, बाँसवाड़ा) प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
राजस्थान होमस्टे नीति 2026 केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ कैसे मेल खाती है?
नीति दो केंद्रीय योजनाओं से मेल खाती है: (1) स्वदेश दर्शन 2.0 — पर्यटन मंत्रालय की नई रूपरेखा वाली योजना, जो आदिवासी, ग्रामीण और विरासत सर्किट जैसे विषय-आधारित पर्यटन पर केंद्रित है; इसमें होमस्टे आवास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं; और (2) PRASHAD — प्रमुख तीर्थ और विरासत स्थलों पर बुनियादी ढाँचे का विकास, जहाँ होमस्टे होटलों की क्षमता को पूरक बना सकते हैं।
राजस्थान की 2026 नीति के तहत होमस्टे के लिए पंजीकरण और नियामक आवश्यकताएँ क्या हैं?
2026 नीति के तहत होमस्टे का पंजीकरण जिला पर्यटन कार्यालय में करना होगा। इसमें बुनियादी सुरक्षा प्रमाणन (अग्नि सुरक्षा, स्वच्छता मानक), एकमुश्त शुल्क और वार्षिक नवीनीकरण शामिल है। पंजीकृत संपत्तियाँ राजस्थान पर्यटन पोर्टल और IRCTC के होमस्टे एकत्रीकरण प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध हो सकती हैं। अतिथियों को भोजन देने के लिए अलग FSSAI लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।