27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ आधिकारिक वार्ता की। वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई और दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। आधिकारिक वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, UPI, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) में शामिल होने की भी घोषणा की। बाद में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। सेशेल्स के विपक्ष के नेता बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की।